

Bhagalpur News: न्याय की मशाल अब सड़कों पर आ गई है, और वकीलों की बुलंद आवाज पटना के गलियारों तक गूंज रही है। भागलपुर में उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ की स्थापना की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है, और इस बार अधिवक्ता आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं।
Bhagalpur News: क्यों जरूरी है भागलपुर में खंडपीठ?
भागलपुर के वकील समुदाय ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ (बेंच) की स्थापना की अपनी पुरानी मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में, वकीलों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित कर मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि भागलपुर जैसे ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व वाले शहर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि समय की जरूरत बन चुकी है।
धरने पर बैठे वकीलों ने बताया कि भागलपुर प्रमंडल के तहत बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय और खगड़िया जैसे कई जिले आते हैं। इन जिलों से हर दिन सैकड़ों मामले पटना हाईकोर्ट पहुंचते हैं, जिससे आम वादियों और वकीलों को गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पटना की लंबी दूरी, यात्रा में लगने वाला समय और अतिरिक्त खर्च न्याय प्रक्रिया को धीमा और महंगा बना देता है।
त्वरित न्याय और घटते बोझ की उम्मीद
अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि भागलपुर में खंडपीठ की स्थापना होती है, तो इससे न केवल न्याय वितरण में तेजी आएगी, बल्कि पटना हाईकोर्ट पर मुकदमों का बढ़ता बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर कानूनी सेवाओं का विस्तार होगा और आम जनता का न्यायिक प्रणाली में विश्वास और भी गहरा होगा। इस अधिवक्ताओं का आंदोलन का मुख्य उद्देश्य न्याय को सुलभ बनाना है। भागलपुर पहले से ही एक प्रमुख न्यायिक केंद्र रहा है, जहां जिला न्यायालय समेत कई अन्य न्यायिक संस्थान सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसे में खंडपीठ के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और माहौल पहले से ही यहां मौजूद है।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने बैनरों और पोस्टरों के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो इस आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। अंत में, सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में मुख्य न्यायाधीश से अपील की कि वे भागलपुर की जनता और वकील समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए, यहां खंडपीठ की स्थापना की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाएं, ताकि न्याय हर किसी के लिए सहज और सुलभ हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

