

Bhagalpur News: रचनात्मकता की दुनिया में अक्सर छोटे शहरों का हुनर गुमनामी के अंधेरे में खो जाता है, लेकिन अब भागलपुर की प्रतिभा के लिए एक नई सुबह होने जा रही है। सिल्क सिटी की धरती से एक ऐसी कहानी जन्म ले रही है, जो न सिर्फ युवाओं को आईना दिखाएगी बल्कि स्थानीय कलाकारों को आसमान में उड़ने का मौका भी देगी।
भागलपुर के साहित्यिक और कलात्मक जगत में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। शहर के चर्चित शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह की कलम से निकली कहानी पर आधारित वेब सीरिज ‘संजीदगी: एक प्रयोग’ की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह वेब सीरिज आज के युवा वर्ग को एक मजबूत संदेश देने वाली मर्मस्पर्शी कहानी पर आधारित है, जिसका उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता पैदा करना भी है।
निर्माताओं के अनुसार, कहानी एक ऐसे युवक की छोटी-सी नासमझी और लापरवाही को केंद्र में रखती है, जिसे वह अक्सर बिंदासपन समझ बैठता है। उसकी एक गलती के कारण पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। इस कहानी को युवाओं के लिए एक “वेक-अप कॉल” के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि वे अपने कार्यों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनें।
Bhagalpur News: कब और कहां होंगे ऑडिशन?
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में अभिनय का अवसर तलाश रहे कलाकारों के लिए ऑडिशन की तारीख और स्थान भी तय कर दिए गए हैं। ‘संजीदगी: एक प्रयोग’ के लिए ऑडिशन 1 मार्च 2026 को सुबह 9 बजे से भागलपुर के होटल स्टोन पार्क में आयोजित किए जाएंगे। निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में अंग क्षेत्र, विशेषकर भागलपुर और आसपास के इलाकों के कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रिश्तों की कड़वी सच्चाई को दिखाएगी कहानी
वेब सीरिज के निर्देशक संजीव सुमन ने बताया कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन का काम अंतिम चरण में है और पूरी टीम का लक्ष्य मार्च 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने का है। उन्होंने कहानी के बारे में बात करते हुए कहा, “यह रचना उन रिश्तों की कड़वी वास्तविकता को उजागर करती है, जहाँ परिवार के मुखिया की गैरमौजूदगी पूरे घर के ताने-बाने को बिखेर देती है। यह कहानी दर्शकों को अंदर तक झकझोर देगी।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्थानीय कला और संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान
लेखक डॉ. अजय सिंह ने इस प्रोजेक्ट के पीछे की अपनी सोच को साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच और अवसर की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनका मानना है कि इस प्रयास के माध्यम से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को एक वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि यहां की कला, संस्कृति और संवाद को भी दुनिया भर में एक नया मुकाम हासिल होगा। यह पहल भागलपुर के रचनात्मक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।



