

Bhagalpur News: जैसे सरिता सागर में मिलकर धन्य हो जाती है, वैसे ही भक्त सत्संग की गंगा में डुबकी लगाकर निहाल हो गए। भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में आस्था और अध्यात्म का ऐसा ही संगम देखने को मिला, जहां महर्षि मेही आश्रम में संतमत सत्संग का 13वां वार्षिक अधिवेशन भव्यता के साथ आयोजित किया गया।यह दो दिवसीय कार्यक्रम गोसाईंदासपुर पंचायत के मथुरापुर स्थित महर्षि मेही आश्रम के पवित्र प्रांगण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्तुति, विनती और सद्ग्रन्थ पाठ से हुई, जिसके बाद संतों के भजन और प्रवचन का दौर शुरू हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहां उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संतों के विचारों को आत्मसात किया और गुरु महिमा का गुणगान किया।Bhagalpur News: संतों ने दिया सात्विक जीवन और सद्कर्म का संदेशकार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए संत कबीर पासवान ने कहा कि मनुष्य का जीवन बड़े भाग्य से मिलता है और इसका सदुपयोग करना ही हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने मृत्यु को जीवन का सबसे बड़ा सत्य बताते हुए कहा कि मनुष्य इससे बचना चाहता है, लेकिन सद्कर्मों के माध्यम से ही वह इस भय से मुक्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सात्विक जीवन जीने से ही अच्छे संस्कारों की प्राप्ति होती है। यह एक ऐसा आध्यात्मिक प्रवचन था जिसने सभी को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।संतों ने महर्षि मेंही के संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मनुष्य बनकर जीना चाहिए और मन में सद्विचार रखने चाहिए। इस विशाल आयोजन में भाग लेने के लिए दूर-दूर से भक्तगण पहुंचे थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।## गुरु के बिना ज्ञान असंभवप्रवचन के दौरान यह भी बताया गया कि कोई भी व्यक्ति बिना गुरु या सही युक्ति के किसी भी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल नहीं कर सकता। जीवन के हर पथ पर एक मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है, और अध्यात्म के मार्ग पर तो गुरु की कृपा के बिना एक कदम भी आगे बढ़ना संभव नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संतों के इस उपदेश को सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो गया।## आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिकाइस दो दिवसीय संतमत सत्संग के 13वें वार्षिक अधिवेशन का विधिवत समापन शांति और सद्भाव के संदेश के साथ हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। व्यवस्थापक के तौर पर गोसाईंदासपुर पंचायत की मुखिया पिंकी देवी, सच्चिदानंद शर्मा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य तार्केश्वर झा और कबीर पासवान सहित अन्य आयोजन समिति के सदस्यों ने अथक प्रयास किया, जिनकी बदौलत सैकड़ों ग्रामीणों ने इस भव्य आध्यात्मिक प्रवचन का लाभ उठाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


