
Bhagalpur News: फिल्मी कहानी को भी मात दे गया यह मामला, करोड़ों की जमीन डील के बाद जो शख्स ‘अपहृत’ हुआ, वह वृंदावन के आश्रम में प्रभु की भक्ति में लीन मिला। भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र से करीब छह महीने पहले 1.28 करोड़ रुपये की जमीन का सौदा करने के बाद रहस्यमय तरीके से लापता हुए सत्यप्रकाश साह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सत्यप्रकाश ने खुद ही अपने अपहरण की कहानी को झूठा करार दे दिया।
Bhagalpur News: पत्नी से तंग आकर शख्स ने रची थी फरारी की कहानी
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद और कोर्ट के समक्ष बयान देते हुए सत्यप्रकाश साह ने जो खुलासा किया, वह हैरान करने वाला है। सत्यप्रकाश ने बताया कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया था। वह दरअसल अपनी पत्नी के साथ चल रहे कलह से इस कदर परेशान हो गया था कि उसने घर-बार छोड़कर आध्यात्मिक शांति की तलाश में वृंदावन जाने का फैसला कर लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहां वह एक आश्रम में रहकर अपना जीवन गुजार रहा था। उसके इस बयान ने अपहरण की उस थ्योरी को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसको लेकर पिछले छह महीनों से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
1.28 करोड़ की जमीन डील और लापता होने का ड्रामा
यह पूरा मामला एक हाई-प्रोफाइल जमीन सौदे से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, मुंदीचक के रहने वाले डॉक्टर कुंदन साह ने 31 जुलाई 2023 को सत्यप्रकाश साह से एक जमीन खरीदी थी। इस जमीन का सौदा 1 करोड़ 28 लाख 16 हजार रुपये में तय हुआ था। डॉक्टर कुंदन साह ने पूरी रकम एक्सिस बैंक के चेक के माध्यम से सत्यप्रकाश को अदा कर दी थी और जमीन की रजिस्ट्री भी संपन्न हो गई थी। लेकिन, मोटी रकम चुकाने के बावजूद डॉक्टर कुंदन को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया। इसी बीच सत्यप्रकाश अचानक लापता हो गया, जिससे मामला और भी उलझ गया और इसे अपहरण से जोड़कर देखा जाने लगा।
वृंदावन के आश्रम से पुलिस ने किया बरामद
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तिलकामांझी थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महीनों की मशक्कत के बाद पुलिस को सत्यप्रकाश की लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली। एसआई शशि भूषण कुमार के नेतृत्व में एक टीम वृंदावन पहुंची और उसे एक आश्रम से बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद उसे भागलपुर लाया गया, जहां कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया। अपने बयान में सत्यप्रकाश ने अपहरण की बात से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस के सामने अब क्या हैं चुनौतियां?
सत्यप्रकाश के मिल जाने और अपहरण की कहानी झूठी साबित होने के बाद भी पुलिस की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। अब पुलिस इस पूरे मामले की कानूनी दृष्टिकोण से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सत्यप्रकाश ने जमीन की पूरी कीमत ले ली थी, तो उसने खरीदार को कब्जा क्यों नहीं दिया? क्या यह धोखाधड़ी का मामला है? पुलिस अब इस जमीन विवाद के सभी कानूनी पहलुओं को खंगाल रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह जांच का विषय है कि इस पूरे प्रकरण में आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल, यह अनोखा मामला पूरे भागलपुर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


