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भागलपुर में खुलेंगे नए AYUSH Hospital? सांसद के सवाल पर मंत्रालय का जवाब आया सामने, जानिए क्या है पूरी योजना

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AYUSH Hospital: संसद की चौखट से जब स्वास्थ्य की उम्मीदें निकलती हैं, तो जमीन पर उसका असर दिखना लाजिमी हो जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ जब भागलपुर के सांसद ने लोकसभा में अपने क्षेत्र के लिए आयुष सेवाओं का मुद्दा उठाया, जिसके बाद से ही यह चर्चा का विषय बन गया है। लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 5607 के माध्यम से भागलपुर में आयुष अस्पतालों की स्थापना, डॉक्टरों की उपलब्धता और औषधीय पौधों की खेती जैसे अहम विषयों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया।

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इस महत्वपूर्ण प्रश्न के जवाब में आयुष मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के अनुसार, किसी भी संसदीय क्षेत्र में नए आयुष अस्पताल या औषधालय खोलने का निर्णय और अधिकार राज्य सरकार के अधीन आता है। हालांकि, केंद्र सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) योजना के तहत राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस योजना के अंतर्गत 50, 30 या 10 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना के साथ-साथ आयुष औषधालयों के लिए भी मदद दी जाती है। राज्य सरकारें अपनी वार्षिक कार्य योजनाओं में प्रस्ताव भेजकर इस केंद्रीय सहायता का लाभ उठा सकती हैं।

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क्या भागलपुर को मिलेगा नया AYUSH Hospital?

सांसद द्वारा उठाए गए एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल के जवाब में सरकार ने यह भी साफ किया कि फिलहाल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष उपचार पैकेजों को शामिल नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि आयुष्मान भारत के लाभार्थी अभी सीधे तौर पर इस योजना के तहत आयुष चिकित्सा का लाभ नहीं उठा सकते हैं। यह एक नीतिगत विषय है जिस पर भविष्य में विचार किया जा सकता है।

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आयुष चिकित्सकों की उपलब्धता पर सरकार का पक्ष

अस्पतालों के साथ-साथ वहां काम करने वाले चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता भी एक बड़ा मुद्दा है। इस पर मंत्रालय ने बताया कि आयुष डॉक्टरों और कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करना मुख्य रूप से राज्य सरकार की ही जिम्मेदारी है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत विभिन्न गतिविधियों के लिए मानव संसाधन का समर्थन कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसमें मौजूदा आयुष अस्पतालों का उन्नयन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) की स्थापना और विभिन्न जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन शामिल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

औषधीय पौधों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

मंत्रालय ने बताया कि बिहार में औषधीय पौधों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। इसके लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, उन्हें बेहतर कृषि पद्धतियों और फसल प्रबंधन पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे इन पौधों की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकें। यह पूरा कार्यक्रम जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता में स्थित क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से चलाया जा रहा है। सांसद द्वारा उठाया गया यह कदम भागलपुर में पारंपरिक चिकित्सा के विस्तार और किसानों के लिए आय के नए स्रोत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से क्षेत्र में एक नया AYUSH Hospital का सपना साकार होता है या नहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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