

Bhagalpur MSME Trade Fair: जैसे रेशम के धागों से चादर बनती है, वैसे ही छोटे-छोटे उद्यमों से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। भागलपुर की धरती एक बार फिर इसी हुनर की गवाह बन रही है।
ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड मैदान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय से पंजीकृत डुमरामा खादी ग्राम उद्योग संघ (DKGS) के तत्वावधान में डीकेजीएस एमएसएमई ट्रेड फेयर 2026 का भव्य आगाज हो गया है। यह मेला 2 फरवरी तक चलेगा, जिसमें स्वदेशी उद्यम के बेहतरीन नमूने देखने को मिलेंगे। मेले का विधिवत उद्घाटन भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष शाह, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य विजय शाह और मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मंच पर मौजूद सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र और मंजूषा पेंटिंग भेंट कर किया गया।
Bhagalpur MSME Trade Fair का भव्य उद्घाटन
उद्घाटन समारोह के बाद विधायक रोहित पांडे ने मेले में लगे सभी स्टॉलों का बारी-बारी से अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय उद्यमियों, बुनकरों और महिला स्वयं-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की गुणवत्ता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह ट्रेड फेयर आम जनता के लिए पूरी तरह से खुला है और शहरवासियों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
मेले में कुल 60 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ खादी, हस्तशिल्प, हथकरघा और विभिन्न ग्रामीण उद्योगों के उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है। इन स्टॉलों पर पर्यावरण के अनुकूल वस्तुएं भी उपलब्ध हैं, जो मेले का मुख्य आकर्षण हैं। यह मेला स्थानीय उद्यमी और कारीगरों के लिए अपने हुनर को एक बड़ा बाजार देने का सुनहरा अवसर लेकर आया है।
बुनकरों और महिला उद्यमियों को मिलेगा मंच
डुमरामा खादी ग्राम उद्योग संघ के कोषाध्यक्ष पंकज कुमार ने इस अवसर पर बताया कि उनकी संस्था पिछले 10 वर्षों से बुनकरों और महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी संस्था न केवल छोटे-छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे बताया कि इस तरह के ट्रेड फेयर से स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा बाजार मिलता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और कारीगरों का मनोबल भी बढ़ता है।
इस तरह के आयोजनों से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है, बल्कि देश की कला और संस्कृति को भी एक नई पहचान मिलती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। यह मेला भागलपुर के लोगों के लिए स्वदेशी उत्पादों को जानने और खरीदने का एक बेहतरीन मौका है।


