
भागलपुर नाव हादसा: मंगलवार को भागलपुर में गंगा नदी के बीच अचानक एक नाव खराब हो गई, जिस पर 75 यात्री और 13 मोटरसाइकिलें सवार थीं। इंजन बंद होते ही यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, लेकिन समय रहते एसडीआरएफ ने सभी को सुरक्षित बचा लिया।
बीच गंगा में थमा इंजन, यात्रियों की अटकी सांसें
मंगलवार को महादेवपुर गंगा घाट से बरारी गंगा घाट की ओर जा रही एक नाव का इंजन बीच गंगा में अचानक बंद हो गया। बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण इंजन ने काम करना बंद कर दिया। इस नाव में करीब 75 यात्री और 13 मोटरसाइकिलें लदी हुई थीं। इंजन बंद होते ही नाव में सवार सभी यात्रियों में दहशत फैल गई और वे घबराकर चिल्लाने लगे। यह घटना भागलपुर नाव हादसा की गंभीरता को दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
SDRF की त्वरित कार्रवाई, सभी सुरक्षित
घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कुशलतापूर्वक सभी 75 यात्रियों को सुरक्षित गंगा के किनारे तक पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस तरह की घटनाओं से गंगा नदी यातायात की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।
तीन दिनों में तीसरी घटना, व्यवस्था पर उठे सवाल
यह महज तीन दिनों के भीतर गंगा नदी में नाव खराब होने की तीसरी घटना है। विक्रमशिला सेतु का स्लैब टूटने के बाद से लोगों के लिए नाव ही आवागमन का मुख्य सहारा बन गई है। ऐसे में लगातार सामने आ रहीं तकनीकी खराबी की घटनाएं प्रशासन की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बार-बार होने वाली ये घटनाएं गंगा नदी यातायात के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच की मांग करती हैं।







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