
Bhagalpur News: लोहे की पटरी पर दौड़ती फौलादी ट्रेन के नीचे जब जिंदगी आती है, तो अंजाम अक्सर भयावह होता है। कुछ ऐसा ही मंजर भागलपुर के नाथनगर में देखने को मिला, जहां एक मालगाड़ी तीन भैंसों के लिए काल बन गई।
Bhagalpur News: जानें कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, यह घटना भागलपुर-जमालपुर रेल खंड पर स्थित नाथनगर के पास हुई। भागलपुर से सुल्तानगंज की ओर जा रही एक मालगाड़ी जब पुरानी सराय गांव के समीप पश्चिमी केबिन के पास से गुजर रही थी, तभी यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तीन भैंसें पटरी पार कर रही थीं कि अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से तीनों भैंसों की मौके पर ही कटकर मौत हो गई और उनके क्षत-विक्षत शव इंजन और ट्रैक के बीच फंस गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भैंसें रेलवे लाइन के किनारे चर रही थीं। ट्रेन का हॉर्न सुनकर वे घबरा गईं और भागने के प्रयास में सीधे पटरी पर आ गईं, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के किनारे मवेशियों की चराई को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक घंटे की मशक्कत के बाद बहाल हुआ यातायात
हादसे की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और रेलवे के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। भैंसों के शव इंजन में बुरी तरह फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद ट्रैक को साफ किया जा सका। इस घटना के कारण करीब एक घंटे तक इस रूट पर रेल परिचालन पूरी तरह से ठप रहा। ट्रैक साफ होने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस दौरान यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह कोई पहली बार नहीं है जब नाथनगर इलाके में इस तरह की घटना हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले साल भी इसी रेलवे ट्रैक पर एक साथ दस भैंसों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बार-बार हो रहे ऐसे हादसों के बावजूद, रेलवे ट्रैक के पास आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। फिलहाल रेल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।







