भागलपुर न्यूज़:
स्कूल की चारदीवारी से निकलकर अब ये युवा कैडेट्स फौजी अनुशासन और दृढ़ संकल्प का पाठ पढ़ेंगे। एक विशेष मिशन के लिए इन्हें बरौनी भेजा गया है, जहाँ की ट्रेनिंग इन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। आखिर क्या है ये ट्रेनिंग और क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
ट्रेनिंग के लिए कैडेट्स रवाना
भागलपुर स्थित कृष्णानंद सूर्यमल इंटर स्तरीय विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स मंगलवार को एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने के लिए ओटीसी (ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप) बरौनी के लिए रवाना हो गए। 23 बिहार बटालियन, एनसीसी के नेतृत्व में इन कैडेट्स को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। इस दौरान कैडेट्स में खासा उत्साह देखने को मिला।
यह प्रशिक्षण शिविर कैडेट्स के लिए सीखने और खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाने का एक बेहतरीन अवसर है। इस यात्रा के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं और बटालियन के अधिकारियों ने कैडेट्स को जरूरी दिशा-निर्देश देकर विदा किया।
क्या है इस ट्रेनिंग का मकसद?
एनसीसी द्वारा आयोजित किए जाने वाले ऐसे प्रशिक्षण शिविरों का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, और टीम भावना का विकास करना होता है। बरौनी में आयोजित इस कैंप में कैडेट्स को कई तरह की सैन्य गतिविधियों और अभ्यासों से गुजरना होगा।
इस ट्रेनिंग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- स्कूल का नाम: कृष्णानंद सूर्यमल इंटर स्तरीय विद्यालय, भागलपुर
- बटालियन: 23 बिहार बटालियन, एनसीसी
- गंतव्य: ओटीसी (ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप), बरौनी
- उद्देश्य: विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग लेना
अनुशासन और देश सेवा की सीख
एनसीसी के प्रशिक्षण शिविर युवाओं में केवल सैन्य कौशल ही नहीं, बल्कि देश सेवा और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी जगाते हैं। इस तरह के कैंप कैडेट्स को एक अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और उनमें आत्मविश्वास भरते हैं।
23 बिहार बटालियन के मार्गदर्शन में भागलपुर के ये कैडेट्स बरौनी में न केवल अपने स्कूल का, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन करने के इरादे से गए हैं। यह ट्रेनिंग उनके एनसीसी पाठ्यक्रम का एक अहम हिस्सा है, जो उनके भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

