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फ़रवरी, 15, 2026
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भागलपुर में गूंजा Netaji Subhas Chandra Bose का नाम: वामपंथी संगठनों ने मनाई जयंती, संकल्प दोहराया

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Netaji Subhas Chandra Bose: इतिहास के पन्नों में कुछ शख्सियतें ऐसी दर्ज होती हैं, जिनकी विचारधारा आज भी मशाल बनकर राह दिखाती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक शख्सियत थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस, जिनकी 129वीं जयंती पर बिहार के भागलपुर में विशेष आयोजन किया गया।

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भागलपुर में गूंजा Netaji Subhas Chandra Bose का नाम: वामपंथी संगठनों ने मनाई 129वीं जयंती, संकल्प दोहराया

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Netaji Subhas Chandra Bose: एक प्रेरणादायक वामपंथी नेता का अनदेखा पहलू

शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को नाथनगर में भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पूरी श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भाकपा-माले और ऐक्टू द्वारा मोहनपुर स्थित जगदीश-बौधी स्मृति आवास में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। संध्याकाल में, कार्यकर्ताओं ने नाथनगर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर माल्यार्पण किया और मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान उन्होंने नेताजी के सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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गोष्ठी को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के नगर प्रभारी और ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने बताया कि आजाद हिंद फौज का नेतृत्व करना नेताजी के ऐतिहासिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है, लेकिन उनकी एक प्रेरक वामपंथी नेता के रूप में भूमिका पर बहुत कम ध्यान दिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि नेताजी वास्तव में धर्मनिरपेक्ष, साम्राज्यवाद विरोधी और समाजवादी विचारक थे, जिन्होंने मेहनतकश लोगों के श्रमिक अधिकार और हितों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। नेताजी के इस पहलू पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जाना चाहिए। उनकी धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और साम्राज्यवाद-विरोधी देशभक्ति की दूरदृष्टि आज के सांप्रदायिक द्वेष, कॉरपोरेट लूट और साम्राज्यवादी आक्रामकता के मौजूदा माहौल में अत्यंत प्रासंगिक है।

यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News : पटना कांड के बाद जागा भागलपुर प्रशासन, गर्ल्स हॉस्टल के लिए बने सख्त नियम, अब इन निर्देशों का पालन अनिवार्य

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान

मुकेश मुक्त ने आगे कहा कि पिछले एक दशक में जनअधिकारों पर हमलों में तेजी आई है। वंचितों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने में सरकारें विफल रही हैं। सत्ता का गलत इस्तेमाल कर सांप्रदायिक ताकतें लगातार संविधान और लोकतंत्र को क्षति पहुंचा रही हैं। इन संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष को मजबूत करना ही नेताजी जैसे तमाम शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस संघर्ष में प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका समझनी होगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल ने की। इस अवसर पर ऐक्टू के राज्य सचिव और भाकपा-माले के नगर प्रभारी मुकेश मुक्त, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य सचिव सुभाष कुमार, दयाराम मंडल, फिरोज अंसारी, हर्ष राज, श्रवण कुमार, शत्रुघ्न जैन, विष्णु दास, राजेश कुमार और संजीत कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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