New Year Sports Competition: उमंगों का सैलाब, जोश से भरा नया साल! भागलपुर में खेल और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।
भागलपुर में नव वर्ष सांस्कृतिक मेला: खेल और संस्कृति का अनोखा New Year Sports Competition
New Year Sports Competition: उत्साह और प्रतिभा का प्रदर्शन
भागलपुर, 1 जनवरी 2026: नव वर्ष के शुभ अवसर पर भागलपुर के कला केंद्र में आयोजित सांस्कृतिक मेला इस बार एक यादगार `New Year Sports Competition` का गवाह बना। इस आयोजन में सफाली क्लब की सक्रिय भागीदारी रही, जिसने विभिन्न प्रतियोगिताओं को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
आयोजन का मुख्य आकर्षण 200 मीटर की दौड़ प्रतियोगिता थी, जिसे सीनियर और जूनियर बालक एवं बालिकाओं के वर्गों में बांटा गया था। सीनियर बालक वर्ग में तेजस कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आनंद कुमार द्वितीय और सत्यम कुमार तृतीय स्थान पर रहे।सीनियर बालिकाओं की दौड़ में निशा कुमारी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। अदिति कुमारी द्वितीय और शांभवी कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं।जूनियर बालक वर्ग में अधिकांश राय ने स्वर्ण पदक जीता। शुभम श्री को द्वितीय और श्रेयांश कुमार को तृतीय स्थान से संतोष करना पड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।जूनियर बालिकाओं में सौम्या मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, काजल कुमारी द्वितीय रहीं और संध्या कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस दौड़ प्रतियोगिता में ट्रैक जज के रूप में विजयलक्ष्मी, एमएम खान, मोहम्मद तकी अहमद जावेद, सुमित और राजेश ने अपनी भूमिका निभाई।खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ देश भक्ति गीत प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। सीनियर ग्रुप में प्रथमेश झा प्रथम, शांभवी झा द्वितीय और सौम्या मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं। यह प्रतियोगिता युवाओं में देश प्रेम की भावना को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण युवा भागीदारी साबित हुई।जूनियर ग्रुप में रॉडंस वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं अन्य श्री द्वितीय और अरुण कश्यप तृतीय स्थान पर रहे। रूपा कुमारी और सुधा कुमारी को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रकाश चंद्र गुप्ता और प्रोफेसर योगेंद्र थे। कार्यक्रम का सफल संयोजन महबूब आलम ने मोहम्मद तकी अहमद जावेद की देखरेख में किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुरस्कार वितरण में प्रोफेसर फारूक अली ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों का संगम है, जहां कई पंचांग चलते हैं – कुछ चैत्र में, कुछ वैशाख में, कुछ मुहर्रम में और कुछ जनवरी के साथ शुरू होते हैं। लेकिन जनवरी वाला महीना समरूप है, यही वजह है कि यह लोगों के बीच लोकप्रिय है, इसमें कोई भेदभाव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि हमारी समरसता ही हमारी शक्ति है और हमारी विविधता ही हमारी ताकत है, जो विभिन्न आयोजनों में दिखती है जिसमें युवा भागीदारी अहम है।सफाली क्लब की ओर से 2026 नव वर्ष की शुभकामनाएं सभी सदस्यों और देशवासियों को समर्पित की गईं। मोहम्मद तकी अहमद जावेद ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि नया साल बच्चों की उमंग का महापर्व है, जिसमें हम सभी मिलकर इस उत्सव को मनाते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
संस्कृतियों का संगम और समरसता का संदेश
प्रोफेसर फारूक अली ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में अलग-अलग कैलेंडर वर्ष होते हुए भी, जनवरी में शुरू होने वाला नव वर्ष सभी समुदायों के बीच समान रूप से लोकप्रिय है क्योंकि यह किसी विशेष वर्ग से जुड़ा नहीं है। उन्होंने इस समरसता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया। यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक बनकर उभरा।




