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फ़रवरी, 13, 2026
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Bhagalpur News: अब थानेदार भी समझेंगे सरपंच का पावर, पटना से आई विशेष टीम ने दिया गुरुमंत्र, जानें क्या है पूरा मामला

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Bhagalpur News: जैसे शरीर को चलाने के लिए दिमाग और दिल का तालमेल जरूरी है, वैसे ही गांव की शांति के लिए पुलिस और पंचायत का समन्वय। इसी समन्वय की डोर को मजबूत करने के लिए भागलपुर में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया गया, जहां जिले के सभी थाना प्रभारियों को सरपंच के कानूनी अधिकारों का पाठ पढ़ाया गया।

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भागलपुर के समीक्षा भवन स्थित सभागार में यह एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस विशेष सत्र में भाग लेने के लिए जिले के कोने-कोने से सभी थाना प्रभारी पहुंचे। पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए पटना से विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की एक टीम बुलाई गई थी, जिन्होंने कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

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Bhagalpur News: क्यों पड़ी इस प्रशिक्षण की जरूरत?

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस और पंचायती राज व्यवस्था के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु का निर्माण करना था। प्रशिक्षकों ने थाना प्रभारियों को ग्राम कचहरी में सरपंच को प्राप्त अधिकारों, उनके कर्तव्यों और कानूनी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर कैसे काम करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषज्ञों ने बताया कि कई छोटे-मोटे विवाद जो बाद में बड़े कानून-व्यवस्था के मुद्दे बन जाते हैं, उन्हें शुरुआती स्तर पर ही ग्राम कचहरी के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।

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प्रशिक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि अगर पुलिस और सरपंच के बीच बेहतर तालमेल हो, तो न केवल गांवों में न्याय प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि थानों पर दर्ज होने वाले छोटे-मोटे मामलों का बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

समन्वय से घटेगा थानों का बोझ

कार्यशाला में शामिल हुए कई थाना प्रभारियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उन चुनौतियों पर भी चर्चा की जो अक्सर पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं। इस दौरान आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशिक्षकों ने जोर देकर कहा कि सरपंच की भूमिका को समझने से पुलिस को जमीनी हकीकत जानने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण के बाद पुलिस और ग्राम कचहरी के बीच समन्वय पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर न्याय प्रक्रिया को सुलभ और प्रभावी बनाना है, और यह कार्यशाला उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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