
Panchayat Camp: भागलपुर में अब आम जनता को अपनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 19 मई से जिलेभर में पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ लगाए जाएंगे, जहां गांव में ही आपकी हर छोटी-बड़ी समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में यह पहल शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
Panchayat Camp की खास बातें और प्रक्रिया
इन सहयोग शिविरों का पहला चरण 19 मई से शुरू होगा, जिसमें शुरुआती दौर में 8 से 10 पंचायतों को कवर किया जाएगा। इस Panchayat Camp की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी, साथ ही पुलिस प्रशासन के कर्मी भी मौजूद रहेंगे। इससे मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिविर लगने से पहले ही संबंधित पंचायत सरकार भवन में आवेदन जमा कर दिए जाएंगे और उन पर प्रारंभिक कार्रवाई भी शुरू कर दी जाएगी। इससे शिविर के दिन अधिकतर मामलों का त्वरित निपटारा संभव हो पाएगा और ग्रामीणों को Public Grievance Redressal के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
प्रशासन का ‘सरकार आपके द्वार’ का संकल्प
हाल ही में समीक्षा भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों को जिलाधिकारी ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ‘सरकार आपके द्वार’ की सोच को साकार करना है, जिसके तहत एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की जा रही है। इससे ग्रामीण जनता को समय पर न्याय और सुविधाएं मिल सकेंगी। Public Grievance Redressal की इस पहल से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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