
Bhagalpur News: कुदरत की मार ऐसी पड़ी कि किसानों के अरमान खेतों में ही बिछ गए। कल तक जो फसलें लहलहा रही थीं, आज वो बेमौसम आंधी-बारिश की भेंट चढ़ गईं। भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में मौसम ने ऐसी करवट ली कि किसानों की कमर ही टूट गई। देर शाम आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने दियारा इलाके में व्यापक तबाही मचाई है। खेतों में लहलहाती मक्का और गेहूं की फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।
Bhagalpur News: दियारा क्षेत्र में 40% तक फसलें हुईं चौपट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बेमौसम आपदा से बाबूपुर, बाखरपुर, गोविंदपुर, परशुरामपुर, और खवासपुर समेत एकचारी और रानी दियारा जैसे कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक, लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। तेज हवाओं के झोंकों ने मक्के के पौधों को जड़ से उखाड़ फेंका, जो इस समय झंडा और मोचा निकलने की अहम अवस्था में थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अवस्था में हुआ यह फसल नुकसान किसानों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
प्रभावित किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उनकी महीनों की मेहनत और लागत पल भर में मिट्टी में मिल गई। कई किसानों ने साहूकारों से कर्ज लेकर खेती की थी और अब उनके सामने कर्ज चुकाने का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनकी पूरी आजीविका इसी फसल पर टिकी थी। हालांकि, कुछ इलाकों में जहां सिंचाई की कमी थी, वहां इस बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत तबाही के सामने ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
किसानों ने की मुआवजे की मांग, प्रशासन से लगाई गुहार
इस बड़ी क्षति के बाद, प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल नुकसान का आकलन करने के लिए एक सर्वे टीम भेजने की अपील की है, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। किसानों का कहना है कि अगर समय पर सरकारी मदद नहीं मिली तो उनके लिए परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल, सभी किसान उम्मीद भरी नजरों से प्रशासन की ओर देख रहे हैं।






