back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 4, 2026
spot_img

भागलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट! 6 महीने से वेतन नहीं मिलने पर Vaccine Courier Strike, टीकाकरण ठप

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Vaccine Courier Strike: जैसे शरीर की धमनियों में रक्त का प्रवाह रुक जाए तो जीवन संकट में आ जाता है, ठीक वैसे ही स्वास्थ्य व्यवस्था की धमनियों में वैक्सीन पहुंचाने वाले ही थम गए हैं। भागलपुर के पीरपैंती में वैक्सीन कूरियर कर्मियों ने वेतन न मिलने के कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है, जिससे हजारों लोगों का टीकाकरण अधर में लटक गया है।

- Advertisement -

क्या है Vaccine Courier Strike का पूरा मामला?

पीरपैंती रेफरल अस्पताल में कार्यरत वैक्सीन कूरियर कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन Vaccine Courier Strike शुरू कर दी है। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले छह महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। हड़ताल का नेतृत्व कर रहे महेश पासवान ने बताया कि अस्पताल प्रशासन हर बार अगले महीने भुगतान का झूठा आश्वासन देकर उनसे काम करवाता रहा, लेकिन अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। इस कार्य बहिष्कार के कारण हेल्थ सब-सेंटरों तक सुचारू Vaccine Supply पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे पूरे प्रखंड में टीकाकरण अभियान पर गंभीर असर पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कर्मियों ने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं।

- Advertisement -

हड़ताल में शामिल मो. नूर जमा आलम ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उन्हें न तो महीने के 30 दिन नियमित काम मिलता है और न ही काम के हिसाब से उचित मजदूरी दी जाती है। वर्तमान में उन्हें 10 किलोमीटर के दायरे में वैक्सीन बॉक्स पहुंचाने पर मात्र 100 रुपये और 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर 200 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है, जो इस महंगाई के दौर में ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur Mutation: सरकारी दफ्तर की फाइलें निजी घर में कैसे पहुंचीं? ऑडियो वायरल होने से मचा बवाल, जांच शुरू

अधिकारियों ने दिया फंड की कमी का हवाला

इस गंभीर मामले पर जब प्रखंड अस्पताल प्रबंधक प्रणब कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने फंड की अनुपलब्धता का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ पीरपैंती की नहीं, बल्कि पूरे जिले की है। जैसे ही जिले से फंड प्राप्त होगा, सभी कूरियर कर्मियों का बकाया भुगतान तुरंत कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि पीरपैंती प्रखंड में कुल 39 हेल्थ सब-सेंटर (HSC) हैं, जहां हर महीने औसतन लगभग 25 हजार लोगों को अलग-अलग तरह के टीके लगाए जाते हैं। ऐसे में इस हड़ताल से हजारों लाभार्थियों, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं, को समय पर टीके नहीं मिल पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

कर्मियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2005 में 15 वैक्सीन कूरियर कर्मियों की बहाली हुई थी। समय-समय पर मजदूरी बढ़ाने की घोषणा तो की गई, लेकिन वह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। आज तक बढ़ी हुई राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मियों की मुख्य मांगें हैं कि उन्हें 30 दिन का नियमित कार्य दिया जाए, मजदूरी में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए और उनके सभी लंबित बकाये का तत्काल भुगतान हो। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस धरना-प्रदर्शन में नूर जमा आलम, सियानंद यादव, दिनकर कुमार, हरेंद्र कुमार पांडे, और धीरज पांडे समेत सभी वैक्सीन कूरियर कर्मी शामिल रहे।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Suzuki Two-Wheeler: सुजुकी ने फरवरी में बेचे 1.23 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन, हीरो को दी कड़ी टक्कर!

Suzuki Two-Wheeler: भारतीय दोपहिया बाजार में इस बार फरवरी महीने की बिक्री के आंकड़े...

होली पर अपने स्मार्टफोन को कैसे दें ‘स्मार्टफोन प्रोटेक्शन’ कवच

Smartphone Protection Smartphone Protection: होली के उल्लास भरे रंगों और पानी से अपने कीमती गैजेट्स...

Malaika Arora News: युद्ध के भयंकर साए में दुबई में फंसीं मलाइका अरोड़ा की मां, बताया आंखों देखा हाल!

Malaika Arora News: ईरान-इजरायल के बीच गहराते युद्ध संकट ने दुनियाभर में चिंता बढ़ा...

Rajya Sabha Elections: महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में भाजपा ने घोषित किए उम्मीदवार, अठावले और तावड़े को मिला मौका

Rajya Sabha Elections: सियासत की बिसात पर बिछी नई मोहरें, कौन होगा देश की...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें