

PM Kisan Yojana: जैसे दीमक चुपके से लकड़ी को खोखला कर देती है, वैसे ही साइबर अपराधी सरकारी योजनाओं की नींव में सेंध लगा रहे थे, लेकिन भागलपुर पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। जिले में पुलिस ने किसानों के खातों से पैसे उड़ाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोचा है।
PM Kisan Yojana: अधूरे KYC वाले किसान थे गिरोह के निशाने पर
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस को 27 फरवरी 2026 को बदलीगंज निवासी चंदन कुमार साह ने एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के जिन लाभार्थियों का खाता KYC अपडेट नहीं था, उन्हें निशाना बनाकर एक गिरोह अवैध तरीके से राशि की निकासी कर रहा है। यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नया खाता खोलकर किसानों को मिलने वाली सम्मान निधि पर हाथ साफ़ कर रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना में कांड संख्या–20/2026 दर्ज कर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और खुफिया जानकारी के आधार पर टीम को पता चला कि इस साइबर ठगी के तार मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के वारसलीगंज मोहल्ले से जुड़े हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पुलिस ने बिना कोई देरी किए जाल बिछाया और गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी।
छापेमारी में लैपटॉप से लेकर बायोमेट्रिक मशीन तक बरामद
विशेष टीम ने 28 फरवरी 2026 को सूचना का सत्यापन करते हुए वारसलीगंज स्थित एक मकान पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भागलपुर के ही मारुफचक निवासी अमर कुमार तांती और वारसलीगंज निवासी राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने जब मौके की तलाशी ली तो वहां से 6 लाख 33 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप, दो मोबाइल, एक बायोमेट्रिक मशीन, एक मोबाइल प्रिंटर, 10 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, आधार कार्ड और कई अन्य दस्तावेज बरामद हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
पुलिस ने किसानों से की यह अपील
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से उन किसानों को अपना निशाना बनाता था, जिनका केवाईसी किसी कारणवश अधूरा रह गया था। ये लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे उन किसानों के बैंक खातों तक अपनी पहुंच बनाते थे और योजना की राशि निकाल लेते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। भागलपुर पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों, विशेषकर किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों का केवाईसी समय पर अपडेट कराएं और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।

