



Bhagalpur News: न्याय की सड़कें जब सियासत की गलियों में गुम हो जाती हैं, तो आक्रोश का लावा सड़कों पर फूट पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा भागलपुर में देखने को मिला, जहां नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म और उसके बाद हुई मौत की घटना ने पूरे शहर में उबाल ला दिया है। यह मामला अब केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह बन गया है, जिसको लेकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
Bhagalpur News: समाहरणालय चौक पर गूंजे न्याय के नारे
इस घटना के विरोध में भागलपुर का समाहरणालय चौक मंगलवार को प्रदर्शन और नारों से गूंज उठा। भारतीय मानवाधिकार पार्टी के बैनर तले जुटे दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपना తీవ్ర आक्रोश व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और जुबान पर बस एक ही मांग – पीड़िता को न्याय दो। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री का पुतला फूंककर व्यवस्था के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि जनता अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि इस पूरे नीट छात्रा मामला ने सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की। उनकी प्रमुख मांग थी कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से यह भी अपील की कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रखी जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी जांच किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
कब मिलेगा पीड़िता को न्याय?
एक तरफ जहां पुलिस, एसआईटी और गृह विभाग की टीमें मामले की तह तक जाने की कोशिशों में लगी हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क पर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यह घटना सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक जांच कब तक किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंचती है और कब पीड़िता के परिवार को न्याय का मरहम मिल पाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल, भागलपुर की सड़कों पर उठा यह धुआं इस बात का संकेत है कि न्याय की आग अभी शांत नहीं हुई है।



