



Bhagalpur News: जब उत्सव के उल्लास में मातम का करंट दौड़ जाए तो सवाल उठना लाजिमी है। भागलपुर में विद्या की देवी सरस्वती की विदाई का पर्व उस वक्त चीख-पुकार और दहशत में तब्दील हो गया, जब विसर्जन के लिए जा रहा जुलूस हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया और दो जिंदगियां दांव पर लग गईं।
मामला भागलपुर जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर खुर्द पंचायत का है। यहां सरस्वती पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के लिए बड़ी धूमधाम से जुलूस निकाला जा रहा था। भक्ति गीतों पर झूमते-गाते लोग आगे बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि आगे एक बड़ा खतरा उनका इंतजार कर रहा है। जुलूस जैसे ही आगे बढ़ा, ऊपर से गुजर रहे एक हाई-टेंशन तार की चपेट में दो युवक आ गए। करंट लगते ही दोनों गंभीर रूप से झुलसकर तड़पने लगे, जिसके बाद जुलूस में भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Bhagalpur News: अस्पताल की लापरवाही ने बढ़ाई पीड़ा
हादसे के फौरन बाद, आनन-फानन में परिजन और स्थानीय लोग दोनों घायल युवकों को लेकर नजदीकी नाथनगर रेफरल अस्पताल पहुंचे। लेकिन यहां उन्हें मदद के बजाय लापरवाही का एक और झटका लगा। अस्पताल में कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। जिंदगी और मौत से जूझ रहे युवकों के परिजन करीब आधे घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे, जिससे उनकी हालत और भी नाजुक हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की यह तस्वीर परिजनों के गुस्से और हताशा को और बढ़ा रही थी।
इस बीच किसी ने घटना और अस्पताल की लापरवाही की सूचना मधुसूदनपुर थाने की पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए दोनों युवकों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) में भर्ती कराया, जहां दोनों का इलाज जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, उठ रहे कई सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं परिजनों में सरकारी अस्पताल के रवैये को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मधुसूदनपुर थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विसर्जन जुलूस के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या बिजली विभाग को इसकी सूचना दी गई थी। यह हादसा सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है, जहां पूजा-त्योहारों के जुलूस के मार्गों पर लटकते बिजली के तार जैसी खतरनाक चीजों पर ध्यान नहीं दिया जाता।



