
Bhagalpur Smart City: सपनों के शहर का ख्वाब दिखाने वाली परियोजना जब अपने ही कर्मचारियों के लिए दुःस्वप्न बन जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है। भागलपुर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, जहां स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी एक कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं।
Bhagalpur Smart City में कर्मचारियों का शोषण, वेतन-पीएफ के बदले मिल रही धमकी?
भागलपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत काम कर रही एक निजी कंपनी, लॉजिकूल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (Logikool Technology Pvt. Ltd.), विवादों के घेरे में आ गई है। कंपनी पर अपने ही कर्मचारियों को धमकाने, समय पर वेतन न देने और भविष्य निधि (पीएफ) की राशि जमा न करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक पीड़ित कर्मचारी ने नगर आयुक्त को लिखित में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, शहर के 51 वार्डों के लिए काम करने वाले 51 कर्मचारी इस कंपनी के अधीन कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कई महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की कटौती तो की जा रही है, लेकिन उसे संबंधित खाते में जमा नहीं किया जा रहा है, जो एक बड़ा वित्तीय अपराध है।
धमकी और दबाव का गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब कर्मचारी अपने हक की आवाज उठाते हैं। पीड़ितों का कहना है कि जब वे अपने बकाया वेतन या पीएफ के बारे में कंपनी के अधिकारियों से पूछते हैं, तो उन्हें डराया और धमकाया जाता है। कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी के जिम्मेदार लोग उनसे कहते हैं, “देख लेंगे, तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे।” इस तरह की धमकियों से कर्मचारियों में भय का माहौल है। यह निजी कंपनी अपनी जिम्मेदारियों से भागती नजर आ रही है।
कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में कहा है कि वे पूरी लगन से अपना काम कर रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें अपने मूल अधिकारों से भी वंचित रखा जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
प्रशासन से न्याय की गुहार और आंदोलन की चेतावनी
कंपनी के इस रवैये से परेशान होकर कर्मचारियों ने अब प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने नगर आयुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कंपनी को तुरंत बकाया वेतन और पीएफ की राशि जारी करने का निर्देश दिया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सभी 51 कर्मचारी मिलकर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।


