

Bhagalpur News: त्योहारों की चकाचौंध जब अमीरों के आंगन में सिमट कर रह जाती है, तब कुछ लोग उम्मीद की पिचकारी लेकर गरीबों की बस्तियों का रुख करते हैं। भागलपुर में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां एक समाजसेवी ने स्लम एरिया के बच्चों के साथ होली मनाकर इंसानियत की नई मिसाल पेश की है। यह पहल उन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई जो अक्सर त्योहारों की खुशियों से वंचित रह जाते हैं।
Bhagalpur News: बच्चों के साथ बैठकर खाया खाना
शहर के वी गार्डन विवाह भवन में आयोजित इस होली उत्सव समारोह का नजारा बेहद खास था। समाजसेवी बबली किशोर ने स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। कार्यक्रम में बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई थी और पूरा माहौल उत्साह व उमंग से सराबोर था। बबली किशोर ने न केवल कार्यक्रम का आयोजन किया, बल्कि खुद अपने हाथों से बच्चों को खाना परोसा और उनके साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। खाना खाते हुए बच्चों की खुशी देखने लायक थी, जब उन्होंने एक स्वर में ‘हैप्पी होली’ कहा तो पूरा वातावरण रंगों और मुस्कान से खिल उठा।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि खुशियां बांटने से ही बढ़ती हैं। ऐसे समय में जब लोग अपने-अपने परिवारों में व्यस्त रहते हैं, तब इस समाजसेवी ने इन बच्चों के साथ समय बिताकर एक बड़ा संदेश दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
हर साल करते हैं ऐसा आयोजन
इस मौके पर बबली किशोर ने बताया कि उनका उद्देश्य उन बच्चों को खुशी देना है जो विभिन्न सामाजिक और आर्थिक कारणों से होली जैसे त्योहार नहीं मना पाते। उन्होंने कहा, “इन बच्चों की मुस्कान ही मेरे लिए सबसे बड़ा आनंद और प्रेरणा है। इसी भावना के साथ मैं हर वर्ष इस तरह का आयोजन करता हूं ताकि कोई भी बच्चा त्योहार के दिन अकेला महसूस न करे।”
इस कार्यक्रम ने समाज को यह संदेश दिया कि त्योहार की सच्ची भावना एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने और जरूरतमंदों की मदद करने में ही निहित है। बबली किशोर की यह पहल दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आयोजन सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और मानवता का एक जीवंत उदाहरण था।

