

जैसे दीमक लकड़ी को खोखला कर देती है, वैसे ही कुछ प्रथाएं समाज की नींव को कमजोर करती हैं। Child Marriage: एक ऐसी ही कुरीति के खिलाफ भागलपुर में अब निर्णायक लड़ाई का बिगुल बज चुका है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत कर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है।
Child Marriage रोकने के कानूनी हथियार और हेल्पलाइन
Child Marriage: के उन्मूलन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त निर्देशों के तहत भागलपुर में 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान का आगाज किया गया है। व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य समाज को इस गंभीर समस्या के प्रति जागरूक करना और कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है।
इसके दुष्परिणाम बच्चों, विशेषकर लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को अंधकार में धकेल देते हैं। इस अभियान के तहत लोगों को यह समझाया जा रहा है कि कैसे यह कुप्रथा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को अवरुद्ध कर देती है। इस गंभीर समस्या से लड़ने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना टोल-फ्री नंबर 15100 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा ताकि किसी बच्चे का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।
जागरूकता से बदलेगी समाज की मानसिकता
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केवल कानून बना देने से इस समस्या का अंत नहीं होगा। असली बदलाव समाज की मानसिकता में परिवर्तन से आएगा। इसके लिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने की योजना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा।
गांवों और शहरों में जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बच्चों के अधिकारों और संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विश्वास जताया है कि जन-सहभागिता और सामूहिक प्रयासों से ही भागलपुर को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।



