
Bhagalpur News: ज्ञान के मंदिर में जब भविष्य संवारने वाले हाथों में कलम की जगह झाड़ू थमा दी जाए, तो सवाल उठना लाजिमी है। भागलपुर से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जहां एक छात्रा स्कूल परिसर में झाड़ू लगाती हुई कैमरे में कैद हो गई।
मामला भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, बलहा का है। शनिवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें स्कूल यूनिफॉर्म पहनी एक छात्रा सफाईकर्मी के साथ स्कूल के परिसर में झाड़ू लगा रही है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय विद्यालय का मुख्य द्वार भी बंद था। इस वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा के अधिकार अधिनियम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि बच्चों से इस तरह का काम करवाना कानून का सीधा उल्लंघन है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली और निगरानी पर बहस छेड़ दी है।
Bhagalpur News: क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो शनिवार को बनाया गया था, जिसके बाद इसकी शिकायत विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद मंडल से की गई। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक छात्रा स्कूल की वर्दी में है और परिसर की सफाई कर रही है। इस मामले ने न केवल स्कूल प्रशासन बल्कि पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। जब इस संवेदनशील विषय पर प्रधानाध्यापक विनोद मंडल से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पहले तो मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की।
हालांकि, बाद में उन्होंने एक हैरान करने वाला तर्क देते हुए कहा, “सफाई कर्मी कका का पोता-पोती है। हो सकता है बच्चा दादी के साथ काम में हाथ बंटाने लगी हो।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में पहली बार आया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रधानाध्यापक ने दिया जांच का आश्वासन
मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रधानाध्यापक विनोद मंडल ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि हमारे यहां सफाई के लिए कर्मचारी नियुक्त हैं। अगर बच्चों से झाड़ू लगवाई जा रही है तो यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस बात का आश्वासन दिया है कि वह विद्यालय के अन्य स्टाफ से इस बारे में पूछताछ करेंगे और पूरी जांच कराएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी को सख्त चेतावनी दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या बच्चों के अधिकारों का हनन करने वालों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं।




