spot_img

Bihar Diwas पर भागलपुर में दिखा उत्सव का माहौल, स्कूली बच्चों ने नारों से जगाया गौरव का भाव

spot_img
- Advertisement -

Bihar Diwas: जैसे सुबह की पहली किरण अंधकार को चीर देती है, वैसे ही भागलपुर की सड़कों पर बच्चों के कदमों ने बिहार के गौरव की नई गाथा लिख दी।

- Advertisement -

भागलपुर में Bihar Diwas के मौके पर चारों ओर उत्सव और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने एक भव्य प्रभात फेरी निकालकर पूरे शहर में बिहार के गौरव का संदेश दिया। यह आयोजन जिला प्रशासन की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को राज्य की समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना था। समाहरणालय परिसर से शुरू हुई यह यात्रा सैंडिस कंपाउंड पहुंचकर समाप्त हुई, जिसमें बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

- Advertisement -

Bihar Diwas: गौरवशाली परंपरा से युवा पीढ़ी को जोड़ने की पहल

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी ने इस आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय बिहार दिवस समारोह के अंतर्गत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसका एकमात्र लक्ष्य नई पीढ़ी को बिहार की गौरवशाली परंपरा से अवगत कराना और उनके मन में अपने राज्य के प्रति सम्मान व गर्व की भावना को और मजबूत करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बच्चों के हाथों में मौजूद तख्तियां और बैनर बिहार के इतिहास, संस्कृति और विकास की कहानी बयां कर रहे थे।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur में Snakebite Death: 12 साल के बच्चे की मौत, इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप

इस भव्य आयोजन में न केवल बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भाग लिया, बल्कि उनके साथ शिक्षक और कई प्रशासनिक अधिकारी भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। पूरे मार्ग में ‘जय बिहार’ और बिहार की विरासत से जुड़े नारों की गूंज सुनाई दे रही थी, जो वहां मौजूद हर किसी में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही थी। यह प्रभात फेरी केवल एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि बिहार के प्रति सम्मान का प्रतीक थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

समाहरणालय से सैंडिस कंपाउंड तक गूंजे देशभक्ति के नारे

प्रभात फेरी का मार्ग समाहरणालय परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सैंडिस कंपाउंड तक तय किया गया था। इस पूरे रास्ते पर बच्चों का जोश और उनकी आवाजें एक सकारात्मक माहौल बना रही थीं। उनके नारों में बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि और ऐतिहासिक महत्व का जिक्र था। यह एक यादगार क्षण था, जब शहर के बच्चे अपने राज्य की स्थापना का जश्न मना रहे थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह पूरा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसने लोगों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Jamui News: जमुई मदरसा पढ़ने गईं 8 साल की बच्ची से दरिंदगी, खेत में ले जाकर दुष्कर्म

मदरसा दुष्कर्म मामला: बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली...

Nepal News: नेपाल कस्टम्स रूल में बड़ा हाईटेक बदलाव…अब Indo -Nepal सीमा पर ‘100 रुपये का खेल’, भारतीय बाजारों पर आया संकट! पढ़िए...

नेपाल कस्टम्स रूल: भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता सदियों पुराना है,...