
उर्दू शिक्षा: भागलपुर के अंजुमन बाग व बहार ने एक अनूठी पहल की है। उन्होंने उन मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जिन्होंने हाल ही में संपन्न हुई मैट्रिक परीक्षा में उर्दू विषय में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। यह सम्मान समारोह न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ाएगा बल्कि उर्दू के प्रति उनके लगाव को भी गहरा करेगा।
छात्रों को मिला प्रोत्साहन और उर्दू शिक्षा का महत्व
अंजुमन बाग व बहार, बरहपुरा, भागलपुर के तत्वावधान में सर सैयद उर्दू स्कूल, भीखनपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बरहपुरा, इस्लामनगर, भीखनपुर, जगतपुर, लोदीपुर, बरारी, मायागंज और खंजरपुर जैसे विभिन्न क्षेत्रों के उन छात्रों और छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा में उर्दू विषय में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए थे। अंजुमन की ओर से इन छात्रों की हौसला अफजाई के लिए मोमेंटो, फिरोज-उल-लुगात (एक महत्वपूर्ण उर्दू पुस्तक) और संस्था का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसके माध्यम से अंजुमन ने उर्दू शिक्षा के प्रति छात्रों की रुचि को और बढ़ाने का प्रयास किया है।
उर्दू भाषा: सभ्यता और रोजगार का साधन
इस अवसर पर अंजुमन के महासचिव डॉ. मो. परवेज ने छात्रों और छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि कोई भी जुबान तब तक ज़िंदा रहती है जब तक उसे पढ़ने वाले, लिखने वाले और बोलने वाले हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर किसी भाषा को बोलने और लिखने वाले ना हों, तो वह कितनी भी तरक्की याफ्ता क्यों न हो, उसे मृत मान लिया जाता है। उन्होंने उर्दू भाषा को रोजगार के कई अवसरों से भी जोड़ा और छात्रों से अपील की कि वे उर्दू को अपने साथ आगे भी बनाए रखें। भागलपुर के डिप्टी मेयर ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की और उर्दू भाषा को हमारी मादरी जुबान बताते हुए उसे घर-आंगन की जुबान बनाने का आग्रह किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुंगेर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. शाहिद जमाल रजमी ने कहा कि उर्दू सिर्फ एक जुबान ही नहीं, बल्कि एक तहजीब भी है। डॉ. हबीब मुर्शद खान ने उर्दू जुबान को आम करने के लिए घरों में, दुकानों में और आपसी बातचीत में इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।
सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राएं
- बीबी कसक
- वफा अहमदी
- मो. अर्श आजम अंसारी
- मो. फाजिल
- मो. सोभान
- मो. सलमान
- सोहेल
- मो. अल्फाज
- जिशान शकील
- मो. रहमत खान
- निदा फातिमा
- सिमरन खान
- मो. नवैद
- आफिया
- नाजिया परवीन
- शानिया खातून
- हसीना खातून
- सीमा परवीन
- खुशबू खातून
- अजमेरी खातून
- जीनत खातून
- काजल खातून
- नगमा खातून
- सायमा परवीन
- आयशा खातून हाजरा
- हीना बानो
- बीबी अरबाज
- जैस्मिन इशरत जहां
- खुशनुमा हुजैफा
- रौशनी
- मो. रहमत
इस अवसर पर मो. शादाब आलम, शहजोर अख्तर, मो. महबूब आलम, मुमताज आजमी, मंटू कलाकार, डॉ. परवेज अख्तर, साअद राफे और मो. शफकत उल्लाह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने बच्चों को बधाई दी और उर्दू के मौजूदा हालात पर रोशनी डाली। इस मौके पर मंच का संचालन हाफिज मुकर्रम साहनी ने किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। डॉ. नैयर हसन, मो. जुल्फकार अली, बॉबी, मो. ताजुद्दीन, मजहर मोजादी, मो. आमिर परवेज, मंजर शफक, मो. शमीम आजाद, मो. उजैर, मो. शारिक, मो. शाहिद अहमद, डॉ. मो. सिद्दीक, शौकत अली बंटी, मो. इकबाल मालिक, मो. आफताब आलम आदि के अलावा बच्चों के अभिभावक भी मौजूद थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






