
Labour Codes: सरकार के वादों का ढोल जितना जोर से बज रहा है, मजदूरों के चूल्हे की आग उतनी ही धीमी होती जा रही है। इसी धीमी आग को भड़काने के लिए अब देशव्यापी हड़ताल की चिंगारी सुलग चुकी है।
Labour Codes के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे मजदूर, 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान, जानिए क्या हैं मांगें?
Labour Codes: भागलपुर में केंद्र सरकार के चार मजदूर विरोधी लेबर कोड्स के खिलाफ 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। मजदूर संगठनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ऐक्टू (AICCTU) और उससे जुड़ी यूनियनों के कार्यकर्ता भागलपुर शहर समेत जगदीशपुर, नाथनगर और सबौर जैसे प्रखंडों के सीमावर्ती इलाकों में मजदूरों से सीधा संपर्क साध रहे हैं। इस अभियान के तहत मजदूरों को हड़ताल से संबंधित पर्चे बांटे जा रहे हैं और छोटी-छोटी बैठकों के जरिए एकजुटता का आह्वान किया जा रहा है।
Labour Codes को क्यों बता रहे हैं मजदूर विरोधी?
ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई और बेरोजगारी ने पहले ही गरीब मजदूरों की कमर तोड़ रखी है। सरकार इस संकट का कोई ठोस समाधान निकालने के बजाय नए लेबर कोड कानून लागू कर मजदूरों की बची-खुची सामाजिक सुरक्षा को भी खत्म करने पर तुली है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के जरिए मालिकों को काम के घंटे बढ़ाने की खुली छूट दी जा रही है, जबकि न्यूनतम मजदूरी कानून को लगभग खत्म कर दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मजदूरों के संगठित होने और अपनी आवाज उठाने के अधिकार पर भी हमला किया जा रहा है। अब तो हड़ताल करने के लिए भी मालिक से अनुमति लेनी होगी। कुल मिलाकर ये कानून मालिकों को मजदूरों से गुलामों जैसा व्यवहार करने का अधिकार देते हैं।
जिला संयुक्त सचिव राजेश कुमार ने भी इन चिंताओं को दोहराते हुए कहा कि अब 12 से 16 घंटे काम करवाने का रास्ता साफ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ लेबर कार्यालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है, जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के वितरण में जमकर रिश्वतखोरी हो रही है। इस मजदूर हड़ताल का उद्देश्य सरकार को एक कड़ा संदेश देना है।
भागलपुर में हड़ताल की तैयारियां तेज
हड़ताल को सफल बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का नेतृत्व ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, जिला संयुक्त सचिव राजेश कुमार, असंगठित कामगार महासंघ की बेबी देवी, गुड़िया देवी, और बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के दिलीप तांती, समीक्षा देवी व मोनी देवी समेत कई अन्य नेता कर रहे हैं। इन नेताओं ने मजदूरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस लड़ाई को मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को देश भर के मजदूर इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस अभियान में गोपाल दास, बिंदु भारती, पूजा कुमारी, पुतुल देवी, नीतू देवी, डबलू यादव, सावित्री देवी, विनोद तांती, और संतोष ठाकुर समेत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल होकर अपना समर्थन दे रहे हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस मजदूर विरोधी सरकार को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य 12 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाना है।


