

Bhagalpur Zila Parishad Meeting: जब लोकतंत्र की सबसे निचली लेकिन सबसे मजबूत कड़ी अपने क्षेत्र के मुद्दों को उठाती है, तो विकास की असली तस्वीर उभरकर सामने आती है। भागलपुर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब जिला परिषद की सामान्य बैठक में सदस्यों ने अधिकारियों के सामने सवालों की झड़ी लगा दी।भागलपुर जिला परिषद सभागार में शुक्रवार, 05 फरवरी को अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का माहौल काफी गंभीर रहा, जहां सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों को पूरी मुखरता से उठाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि से लेकर बिजली-पानी तक, हर विभाग से जुड़े सवाल पूछे गए, जिस पर उपस्थित अधिकारियों ने बिंदुवार जवाब दिए और समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन भी दिया।
Bhagalpur Zila Parishad Meeting: इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक का मुख्य एजेंडा आम जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान करना था। जिला परिषद सदस्यों ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और अपेक्षित विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी मांगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), और विद्युत विभाग समेत लगभग 19 विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर संबंधित अधिकारियों ने अपनी बात रखी और जिन मामलों में आगे की कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिलाया।
बैठक के दौरान षष्ठम राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सदस्यों से लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए प्रभावी निगरानी करने का अनुरोध किया गया।
अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
बैठक में कई विभागों के अधिकारियों को उनके काम में लापरवाही न बरतने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए गए।
- पेयजल समस्या: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि वे आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जिले के सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराएं और जरूरत के हिसाब से नए चापाकल लगवाएं। साथ ही, नल-जल योजना के तहत लोगों को बिना किसी बाधा के पीने का पानी मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया।
- बिजली व्यवस्था: विद्युत विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों को बदलने, जरूरत के अनुसार पोल और तारों की शिफ्टिंग करने तथा नए पोल, तार एवं ट्रांसफार्मर लगाने का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। सदस्यों ने कई स्थानों पर बिजली की लचर व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इन निर्देशों का उद्देश्य था कि जमीनी स्तर पर चल रहे विकास कार्य में तेजी लाई जा सके।
भूमि और राजस्व को लेकर लिए गए बड़े फैसले
बैठक में जिला परिषद की आय बढ़ाने और उसकी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि जिला परिषद के स्वामित्व वाली सभी भूमियों और भवनों की पहचान कर उनकी पैमाइश और घेराबंदी की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, राजस्व बढ़ाने के लिए नई संरचनाओं के निर्माण पर भी सहमति बनी।एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, नारायणपुर प्रखंड में स्थित जिला परिषद की भूमि को जे.पी. कॉलेज, नारायणपुर को लीज पर देने के प्रस्ताव को सभी सदस्यों और अध्यक्ष ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इसके अतिरिक्त, बिहपुर, सन्हौला, पीरपैंती और कहलगांव के डाक बंगलों की मरम्मत और वहां फर्नीचर उपलब्ध कराने की मांग पर भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बैठक में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और निदेशक, डी.आर.डी.ए. सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

