



Bihar Board Intermediate Exam: इम्तिहान की घंटी बजी और लाखों छात्रों के भविष्य का मीटर चालू हो गया, लेकिन कुछ के लिए पहले ही दिन निराशा हाथ लगी जब चंद मिनटों की देरी ने साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया। बिहार में इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं, जो 13 फरवरी तक चलेंगी। भागलपुर जिले में परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
Bihar Board Intermediate Exam को लेकर भागलपुर में कड़े इंतजाम
भागलपुर जिले में कुल 59 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 40,200 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की तीन स्तरों पर जांच की जा रही है। मुख्य द्वार पर प्रवेश के समय जांच के साथ-साथ वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, परीक्षा हॉल के अंदर भी वीक्षकों द्वारा जांच की गई और फिर केंद्राधीक्षक व उड़नदस्ता टीम द्वारा औचक निरीक्षण का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी केंद्राधीक्षकों को नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
फूल-गुब्बारों से सजावट, चंदन-टीका लगाकर स्वागत
जिले में चार आदर्श परीक्षा केंद्र भी बनाए गए हैं, जिनमें टीएनबी कॉलेजिएट इंटर स्कूल, इंटर स्तरीय सरसहाय विद्यालय कहलगांव, श्याम सुंदर विद्या निकेतन और सीसी बालिका उच्च विद्यालय शामिल हैं। इन केंद्रों को छात्राओं के लिए विशेष रूप से फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। यहां परीक्षार्थियों का स्वागत फूल देकर और चंदन-टीका लगाकर किया गया। परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए उन्हें मिठाई भी खिलाई गई। यह अनूठी पहल देखकर कई छात्र-छात्राएं खुश नजर आए। हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।
देर से पहुंचने पर छात्रा को नहीं मिली एंट्री
हालांकि, इन तैयारियों के बीच एक दुखद तस्वीर भी सामने आई। एक छात्रा परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय के बाद पहुंची, जिसके कारण उसे अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। नियमों का हवाला देते हुए परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने उसे एंट्री देने से साफ इनकार कर दिया। छात्रा काफी देर तक रोती-बिलखती रही और अधिकारियों से गुहार लगाती रही, लेकिन उसकी एक न सुनी गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अंत में उसे निराश होकर अपने परिजन के साथ वापस लौटना पड़ा। यह घटना उन सभी परीक्षार्थियों के लिए एक सबक है कि समय का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बोर्ड के नियम इस मामले में बेहद सख्त हैं और किसी भी सूरत में देर से आने वालों को प्रवेश की अनुमति नहीं है।






