
Bihar Bus Depots Jeevika Didi Rasoi: भागलपुर से लेकर पटना तक, बसों के पहियों संग दौड़ती जिंदगी की भूख मिटाने अब एक नया स्वाद आने वाला है। बिहार बस डिपो समाचार: राज्य के प्रमुख बस डिपो पर यात्रियों को अब सिर्फ सफर ही नहीं, बल्कि स्वादिष्ट और किफायती भोजन की भी सौगात मिलेगी।
Bihar Bus Depots Jeevika Didi Rasoi: पहले चरण में 19 डिपो पर मिलेगी सुविधा
राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है जिसके तहत परिवहन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से बिहार के 19 प्रमुख बस डिपो में ‘जीविका दीदी की रसोई’ कैंटीन खोली जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा, पौष्टिक और सस्ता भोजन उपलब्ध कराना है। यह पूरी परियोजना जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, जिन्हें ‘जीविका दीदी’ के नाम से जाना जाता है, द्वारा संचालित की जाएगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सशक्तिकरण का नया अवसर मिलेगा। भागलपुर प्रमंडल में तीन बस डिपो – भागलपुर, जमुई और मुंगेर – को इस योजना में शामिल किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शांडिल्य ने इस संबंध में बताया कि मुख्यालय से पत्र प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी, जिसमें सबसे पहले जमीन चिह्नित करने का काम होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परिवहन विभाग के अनुसार, पहले चरण में जिन 19 बस डिपो को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें भागलपुर, बांकीपुर, फुलवारी शरीफ, आरा, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा, सिवान, दरभंगा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा शामिल हैं। यह एक व्यापक पहल है जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में लाखों यात्रियों को लाभ पहुंचाएगी। इस कदम से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
किफायती दरों पर मिलेगा भोजन, मेन्यू भी तैयार
परिवहन निगम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ‘जीविका दीदी की रसोई’ में यात्रियों को यात्रा के दौरान पौष्टिक भोजन बेहद सुलभ और किफायती दरों पर मिलेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भोजन की गुणवत्ता उच्च हो और कीमतें आम आदमी की पहुंच में हों। प्रस्तावित मेन्यू और उनकी संभावित दरें इस प्रकार हैं:
- जनता पूरी-सब्जी: 20 रुपये
- आलू-सत्तू पराठा: 30 रुपये
- दाल-चावल: 40 रुपये
- रोटी-सब्जी: 35 रुपये
- लिट्टी-चोखा: 30 रुपये
- वेज पुलाव: 70 रुपये
- चाय: 10 रुपये
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये अभी संभावित दरें हैं और इनमें मामूली बदलाव संभव है, लेकिन मूल विचार गुणवत्ता के साथ किफायत बरतना ही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह योजना महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
योजना का व्यापक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह पहल बिहार के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जीविका दीदियों के माध्यम से संचालित होने वाली ये कैंटीन न केवल यात्रियों की भूख मिटाएंगी बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और सम्मान भी प्रदान करेंगी। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बन सकता है कि कैसे स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। भविष्य में इस योजना का विस्तार अन्य छोटे बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों तक भी किया जा सकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि इन रसोईयों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए ताकि यात्रियों को हमेशा सर्वोत्तम सेवा मिल सके।





