
Bihar Circle Officer Protest: मैदान में उतरने के बाद अगर खेल के नियम बदल दिए जाएं तो खिलाड़ियों के माथे पर शिकन आना लाज़मी है। बिहार में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त हुए अंचलाधिकारियों के भविष्य की सीढ़ी पर ही सरकार ने ताला जड़ दिया है, जिसके खिलाफ अब विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
Bihar Circle Officer Protest: भागलपुर जिले के सन्हौला में सोमवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब अंचलाधिकारी रजनीश चन्द्र राय अपने कार्यालय में काली पट्टी बांधकर काम करते नजर आए। यह कोई व्यक्तिगत शोक नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ एक सामूहिक विरोध का प्रतीक था, जो राज्य सरकार के एक फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज कराया जा रहा था।
क्या है पूरा Bihar Circle Officer Protest का मामला
अंचलाधिकारी रजनीश चन्द्र राय ने बताया कि राज्य सरकार ने अंचलाधिकारियों के लिए वर्षों से चली आ रही पदोन्नति की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। इसी फैसले के विरोध में पूरे राज्य के अधिकारी सांकेतिक हड़ताल पर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब उनकी नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से हुई थी, तब सेवा शर्तों में यह साफ लिखा था कि अंचलाधिकारी (CO) के पद से प्रमोशन पाकर वे डीसीएलआर (DCLR) और फिर एसडीएम (SDM) जैसे वरिष्ठ पदों तक पहुंच सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह उनके करियर की स्वाभाविक प्रगति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
लेकिन सरकार के इस नए फैसले ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह बीच में पदोन्नति व्यवस्था को खत्म करना न केवल सेवा शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। इससे अधिकारियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ा है और उनमें अपने करियर को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। <a href=”https://deshajtimes.com/news/national/”>देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें</a>।
काम नहीं रुका, जारी रहा जनता का कार्य
इस सांकेतिक विरोध की सबसे खास बात यह रही कि इससे आम जनता के काम पर कोई असर नहीं पड़ा। अंचलाधिकारी रजनीश चन्द्र राय ने जोर देकर कहा कि विरोध दर्ज कराते हुए भी कार्यालय का संचालन पूरी तरह से सामान्य रखा गया। सभी कार्य पहले की तरह ही सुचारू रूप से चलते रहे ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी का सामना न करना पड़े। यह विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सांकेतिक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों ने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस निर्णय पर दोबारा विचार किया जाए और पुरानी पदोन्नति व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए, ताकि अधिकारियों के हितों की रक्षा हो सके और उनका भविष्य सुरक्षित रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार अंचलाधिकारियों की इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और इस गतिरोध का क्या समाधान निकलता है।









