Bihar Politics: सत्ता के गलियारों में जब जनता की आवाज गूंजती है, तो प्रशासनिक मशीनरी का हिलना स्वाभाविक है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के कड़े तेवर ने भागलपुर में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को भागलपुर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दे डाली। उनका सख्त लहजा यह साफ बता रहा था कि सरकार आम जनमानस की समस्याओं के समाधान को लेकर कितनी गंभीर है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कार्यक्रम के दौरान, उपमुख्यमंत्री ने कई शिकायतों को गंभीरता से लिया, खासकर उन मामलों को जो सीधे तौर पर जमीन-जायदाद और दाखिल-खारिज से संबंधित थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और काम में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं और यह सुनिश्चित करें कि जनता को सरकारी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने विशेष रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े अधिकारियों को जवाबदेह बनने की चेतावनी दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जनता की शिकायतें लगातार मिलती रहीं, तो दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Bihar Politics: क्यों आगबबूला हुए उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा?
दरअसल, जन संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य सीधे जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं को सुनना और मौके पर ही उनका समाधान करना था। विजय सिन्हा ने इस दौरान कई मामलों की सुनवाई की और पाया कि कई अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे थे। कुछ मामलों में तो स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार की बू आ रही थी, जिस पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाने का अंतिम अवसर है।
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अधिकारियों को सख्त हिदायत: भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’
विजय सिन्हा ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सुशासन और पारदर्शिता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया है। इस दिशा में कोई भी बाधा उत्पन्न करने वाले अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। याद रखें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और ईमानदारी से अपना काम करें।
जन संवाद का उद्देश्य और अपेक्षाएं
उपमुख्यमंत्री ने जन संवाद कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो पाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेंगे और अपनी कार्यशैली में सुधार लाएंगे। उनका यह सख्त रुख यह दर्शाता है कि बिहार सरकार जनता के प्रति जवाबदेही और सेवाभाव को लेकर प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि इस चेतावनी का अधिकारियों पर कितना असर होता है और प्रशासनिक सुधार की दिशा में कितने कदम आगे बढ़ते हैं। निश्चित रूप से, यह घटना बिहार की प्रशासनिक और सियासी गलियारों में एक नया संदेश लेकर आई है।






