



आवेश आलम। Leshi Singh News: सियासत की धमक और स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत जब आमने-सामने आई, तो बिहार में देर रात एक बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया। मामला सूबे की एक कद्दावर मंत्री से जुड़ा है, जिनकी तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान एक डॉक्टर के नशे में होने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
Leshi Singh के ब्लड प्रेशर की दो अलग-अलग रिपोर्ट ने खोला पोल
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह बीती देर रात पूर्णिया से पटना जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। काफिला फौरन रात करीब 11 बजे बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचा। वहां ड्यूटी पर मौजूद एएनएम हेमा कुमारी ने जब उनका ब्लड प्रेशर (बीपी) जांचा तो रीडिंग 190/150 आई, जो कि एक बेहद खतरनाक स्थिति है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. सैफुल्ला ने मंत्री का बीपी दोबारा चेक किया और उसे 150/80 बताया। दोनों जांच रिपोर्ट में इतना बड़ा अंतर देखकर मंत्री को शक हुआ। उन्होंने फिर से एएनएम से जांच करने को कहा, जिसमें बीपी एक बार फिर 190/150 ही निकला। मंत्री लेशी सिंह ने जब डॉक्टर के हाव-भाव देखे तो उन्हें शक हुआ कि चिकित्सक नशे की हालत में हो सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम और डॉक्टर के गैर-पेशेवर रवैये से नाराज होकर मंत्री ने इलाज पूरा कराए बिना ही पटना के लिए रवाना होने का फैसला किया। उन्होंने तुरंत इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप, डॉक्टर फरार
मंत्री की शिकायत मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। रात लगभग 1:45 बजे बिहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी डॉक्टर सैफुल्ला वहां से फरार हो चुके थे। उनका फोन भी बंद बताया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया के एसडीओ रोहित कर्दम ने एक जांच टीम का गठन कर दिया। इस टीम में कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार और उत्पाद विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। एसडीओ ने कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी आरोपी डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।




