
Chaiti Navratri: जैसे ही वसंत की पहली किरणें धरा को छूती हैं, वैसे ही भक्ति का केसरिया रंग भागलपुर की धरती पर बिखरने को तैयार है। जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत करहरिया पंचायत के पिपरा गांव में चैती नवरात्र के पावन अवसर पर एक भव्य कलश शोभायात्रा की तैयारी पूरी हो चुकी है, जो आस्था और विश्वास का प्रतीक बनेगी।
भागलपुर जिले का पिपरा गांव एक विशाल धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। यहां चैती नवरात्र के शुभारंभ के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं द्वारा एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय विधायक से लेकर समाजसेवी तक सभी ने अपना भरपूर सहयोग दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Chaiti Navratri को लेकर तैयारियां पूरी, सुबह 5 बजे निकलेगी यात्रा
आयोजन समिति के अनुसार, यह भव्य कलश शोभायात्रा सुबह पांच बजे प्रारंभ होगी। हजारों की संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम पहुंचेंगे। वहां उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल कलश में भरकर पैदल ही पिपरा गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रबंधन कर लिया गया है।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और उनके पुत्र आशीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके साथ-साथ, समाजसेवी रामधनी यादव, नगर उपसभापति नीलम देवी और उनके पुत्र व लोजपा के जिला युवा अध्यक्ष मनीष कुमार ने भी आयोजन में भरपूर सहयोग प्रदान किया है। इन सभी गणमान्य व्यक्तियों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया है, बल्कि यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाओं की निगरानी भी कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
गांव में उत्सव का माहौल, समिति ने झोंकी पूरी ताकत
पिपरा गांव में इस यात्रा के आगमन के साथ ही 19 मार्च से चैती नवरात्र का नौ दिवसीय अनुष्ठान प्रारंभ हो जाएगा। इस आयोजन को लेकर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल है। पिपरा गांव चैती मेला के अध्यक्ष अंजनी सिन्हा ने बताया कि आयोजन समिति के सैकड़ों सदस्य दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। सुरक्षा से लेकर पेयजल तक, हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह कलश शोभायात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करेगी।





