

CPI ML leader sentenced: सियासत की बिसात पर जब मोहरे चले जाते हैं, तो कभी-कभी न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी और कस दी जाती है। गोपालगंज जिला कोर्ट द्वारा भाकपा-माले के राज्य कमेटी सदस्य जितेंद्र पासवान को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस फैसले के खिलाफ सोमवार को भागलपुर में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की हत्या और राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम बताया।
सोमवार को भागलपुर स्टेशन चौक पर भाकपा-माले और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन कॉमरेड जितेंद्र पासवान और कॉमरेड श्रीराम कुशवाहा को एक हत्या के मामले में गोपालगंज जिला कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा के खिलाफ आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को झूठा और बदले की भावना से प्रेरित बताया।
क्यों CPI ML leader sentenced मामले को बताया जा रहा राजनीतिक प्रतिशोध?
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड एसके शर्मा ने सीधे तौर पर इसे जदयू मंत्री सुनील कुमार द्वारा किया गया एक राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला 2020 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है, जब भोरे विधानसभा क्षेत्र से कॉमरेड जितेंद्र पासवान महज 400 वोटों के मामूली अंतर से चुनाव हार गए थे। उस चुनाव में जदयू के सुनील कुमार को विजयी घोषित किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनावी रंजिश के कारण ही यह झूठा मुकदमा गढ़ा गया, जिसमें पहले से ही 5 निर्दोष लोग उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।
पार्टी के जिला सचिव कॉमरेड महेश प्रसाद यादव ने इस घटना को विपक्ष की आवाज दबाने की एक बड़ी भाजपाई साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे नेता को रास्ते से हटाने की दूसरी घटना है। कॉमरेड जितेंद्र पासवान तिरहुत प्रमंडल में दलितों, गरीबों और पिछड़ों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, जिसके कारण वह जदयू-भाजपा की आंखों में खटकने लगे थे।” उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का नतीजा बताया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
‘बेटियों को न्याय नहीं, विपक्ष पर वार’
सभा को संबोधित करते हुए अन्य वक्ताओं ने भी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार के राज्य अध्यक्ष रामानंद पासवान ने कहा कि एक तरफ बिहार में बेटियों के साथ बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों को पकड़ने के बजाय सरकार विपक्ष के नेताओं पर झूठे मुकदमे कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे फर्जी मामलों में फंसा दिया जाता है।
इस विरोध प्रदर्शन में नवगछिया प्रखंड सचिव गौरीशंकर राय और कहलगांव प्रखंड सचिव रणधीर यादव समेत कई अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में आइसा के राज्य उपाध्यक्ष प्रवीण कुशवाहा, बहुजन स्टूडेंट यूनियन के अनुपम आशीष, विष्णु मंडल, विंदेश्वरी मंडल, ऊषा देवी, रेखा देवी समेत सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने इस फैसले को वापस लेने की मांग की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि यह मामला आने वाले दिनों में बिहार की सियासत को और गरमाएगा।



