

Karpoori Thakur: सियासत की चौसर पर जब-जब सामाजिक न्याय के पासे फेंके जाएंगे, एक नाम हमेशा गूंजेगा – जननायक कर्पूरी ठाकुर। उन्हीं की 39वीं पुण्यतिथि पर भागलपुर में भाकपा-माले ने उन्हें याद करते हुए उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम नाथनगर के मोहनपुर स्थित जगदीश बौधी स्मृति आवास में आयोजित किया गया था।
Karpoori Thakur के सपनों का समाज बनाने का संकल्प
इस अवसर पर ‘सामाजिक न्याय आन्दोलन और जननायक कर्पूरी ठाकुर’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने समतामूलक समाज की स्थापना के लिए संघर्ष जारी रखने का प्रण लिया। कार्यक्रम की शुरुआत जननायक को श्रद्धासुमन अर्पित करके की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाकपा-माले के नगर प्रभारी व ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का पूरा जीवन सामाजिक बराबरी और समरसता के लिए समर्पित था। उन्होंने समाज को भाईचारे और मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाया। उनका दृढ़ विश्वास था कि सामाजिक न्याय के बिना एक मजबूत लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुकेश मुक्त ने आगे कहा कि जननायक का सपना था कि शासन-प्रशासन में हर जाति और वर्ग की आनुपातिक भागीदारी सुनिश्चित हो, ताकि देश का सर्वांगीण विकास हो सके। वे चाहते थे कि समाज से ऊंच-नीच और छोटे-बड़े का भेदभाव समाप्त हो और वंचितों को आगे बढ़ने के लिए विशेष अवसर मिलें।
वर्तमान सत्ता पर साधा निशाना
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुकेश मुक्त ने वर्तमान सत्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में आज भी भेदभाव मौजूद है और दुर्भाग्य से मौजूदा सत्ता इसे और हवा दे रही है। सत्ता के मद में चूर सांप्रदायिक और सामंती ताकतें देश पर मनुवादी विचारधारा थोपने की लगातार साजिशें कर रही हैं। समाज में नफरत का जहर घोलने वाली ताकतें फिर से सिर उठा रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उन्होंने कहा कि ऐसी घृणित ताकतों को निर्णायक रूप से पराजित करना ही सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसी महान विभूतियों को याद करने का असली मकसद यही है कि हम उनके विचारों को आत्मसात करें और एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए खुद को समर्पित करें।
गोष्ठी में ये लोग रहे मौजूद
इस विचार गोष्ठी को मुकेश मुक्त के अलावा भाकपा-माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल, असंगठित कामगार महासंघ के राज्य सचिव सुभाष कुमार, मितेश कुमार, सरफराज अंसारी, आनन्द ठाकुर, परमानंद यादव और सुनीत झा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में प्रमिला देवी, सोम राज, रवि कुमार, स्नेहा, गूंजा भारती, जितेंद्र दास, सूरज पोद्दार, मो. सलीम, विनोद, रंजन, सुमित, बबलू कुमार, कुंदन कुमार, पिंटू, गुड्डू और भोला रजक समेत कई अन्य छात्र, युवा और ग्रामीण भी शामिल हुए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




