back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 24, 2026
spot_img

Bhagalpur News: अडानी कर्मचारियों को मिली जिंदगी बचाने वाली CPR Training, जानें यह जीवनरक्षक तकनीक

spot_img
- Advertisement -

CPR Training: जब धड़कनें दगा दे जाएं और सांसें थमने लगें, तो चंद मिनटों की सही जानकारी किसी की उखड़ती सांसों को लौटा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ भागलपुर में एक अनूठी पहल की गई, जहां अडानी के कर्मचारियों को जीवन बचाने का गुर सिखाया गया। भागलपुर के सुल्तानगंज में अडानी कंपनी द्वारा चलाए जा रहे मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट के कार्यालय में जीवन जागृति सोसाइटी ने फर्स्ट एड और सीपीआर पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस शिविर में लगभग 25 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार देने की बारीकियां सीखीं।

- Advertisement -

क्यों जरूरी है यह विशेष CPR Training

इस मौके पर अडानी ऑफिस के प्रोजेक्ट मैनेजर के.के. शर्मा ने इस प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा कार्यस्थल गंगा किनारे है, जहां कई बार गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में हमारे कर्मचारियों तक तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचने में समय लग सकता है। ऐसे में फर्स्ट एड और सीपीआर का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, इससे हम अपने साथियों का बहुमूल्य जीवन बचा सकते हैं।”

- Advertisement -

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वयं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि लगभग 50% मामलों में, जहां व्यक्ति की धड़कन और सांसें रुक चुकी होती हैं, उन्हें सही समय पर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर बचाया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक बेहद कारगर जीवन रक्षक तकनीक है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: पिता चलाते हैं छोटी सी दुकान, बेटे आर्यन ने इंटर साइंस में Bihar Board Topper बन रचा इतिहास, बहन को दिया सफलता का श्रेय

कैसे दिया जाता है सीपीआर?

डॉ. सिंह ने सीपीआर देने की सही प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया, “अपने दोनों हाथों की हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर इंटरलॉक करें। फिर छाती के बीच में, सबसे निचली हड्डी से दो उंगली ऊपर रखकर प्रति मिनट 100 से 120 की रफ्तार से 30 बार दबाएं। इसके बाद मरीज को दो बार मुंह से सांस दें।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तब तक जारी रखनी चाहिए जब तक कि मरीज की सांसें वापस न आ जाएं या एंबुलेंस जैसी कोई चिकित्सा सहायता न पहुंच जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह प्रक्रिया अस्पताल ले जाते समय रास्ते में भी जारी रखी जा सकती है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के बाद वहां मौजूद सभी कर्मचारियों से इसका अभ्यास भी कराया गया ताकि वे इसमें निपुण हो सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

सीपीआर के अलावा भी सिखाए गए कई गुर

इस प्रशिक्षण शिविर में सिर्फ सीपीआर ही नहीं, बल्कि अन्य प्राथमिक उपचार के तरीके भी सिखाए गए। डॉ. सिंह ने बताया कि गंभीर चोट लगने पर रक्तस्राव को कैसे रोका जाए, गर्दन को किस तरह सहारा दिया जाए ताकि मरीज को पैरालिसिस का खतरा न हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्थानीय संसाधनों जैसे बांस और चादर की मदद से दुर्गम स्थानों पर स्ट्रेचर बनाने की विधि भी बताई, ताकि किसी भी घायल व्यक्ति को आसानी से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।

इस सफल कार्यक्रम के संयोजक सचिव सोमेश यादव थे और दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड की ओर से अनुज राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अवसर पर सोसाइटी की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष संबित कुमार, मृत्युंजय और अखिलेश भी मौजूद रहे।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Telegram: अब हाई क्वालिटी फोटो और वीडियो भेजना हुआ बेहद आसान!

Telegram: इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स की दुनिया में अपनी स्पीड और सिक्योरिटी के लिए मशहूर...

Priyadarshan और लिस्सी का चौंकाने वाला पुनर्मिलन: क्या फिर बजेगी शादी की शहनाई?

Priyadarshan News: बॉलीवुड गलियारों में अक्सर रिश्तों के टूटने और जुड़ने की खबरें आती...

Telegram Tips: टेलीग्राम पर हाई-क्वालिटी मीडिया भेजने का सीक्रेट तरीका

Telegram Tips: आज के डिजिटल युग में मैसेजिंग ऐप्स सिर्फ टेक्स्ट भेजने तक सीमित...

UP Police Recruitment: उत्तर प्रदेश पुलिस में बंपर भर्तियां, 1933 पदों पर सीधी भर्ती का ऐलान!

UP Police Recruitment: अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और खासतौर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें