

Foreign Liquor: शराब तस्करों के मंसूबे भी कितने अजीब होते हैं, कभी ट्रेन की छत पर तो कभी लावारिस बैग में अपनी योजनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं, लेकिन कानून के लंबे हाथ हर बार उनकी योजनाओं पर पानी फेर देते हैं। ऐसा ही एक मामला सुल्तानगंज स्टेशन से सामने आया है, जहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
सुल्तानगंज स्टेशन परिसर में उस वक्त हलचल मच गई, जब आरपीएफ के जवानों ने प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर लावारिस हालत में पड़े तीन बड़े बैग देखे। सुरक्षा की दृष्टि से और किसी अनहोनी की आशंका के चलते, जवानों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और बैगों की जांच शुरू की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जांच के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। तीनों बैग विदेशी शराब की बोतलों से भरे हुए थे।
लावारिस बैग में मिली Foreign Liquor, RPF की त्वरित कार्रवाई
आरपीएफ पोस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, जवानों को नियमित गश्त के दौरान ये बैग प्लेटफॉर्म पर लावारिस अवस्था में मिले थे। जब काफी देर तक कोई भी उन बैगों पर अपना दावा करने नहीं आया, तो संदेह गहरा गया। बैगों को खोलने पर उनके अंदर से विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। आरपीएफ का मानना है कि कोई शराब तस्कर इन बैगों को यहां रखकर मौके की तलाश में था, लेकिन जवानों की मुस्तैदी देखकर वह भाग निकला। जब्त की गई शराब की कीमत का आकलन किया जा रहा है।
यह घटना दर्शाती है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर कितने सक्रिय हैं और नए-नए तरीकों से शराब की तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा बल भी उनके मंसूबों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से सतर्क हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
तस्कर फरार, आबकारी विभाग को सौंपी गई शराब
आरपीएफ ने जब तक बैगों को अपने कब्जे में लिया, तब तक इसका मालिक या तस्कर मौके से भागने में सफल हो चुका था। जवानों ने आसपास के इलाके में खोजबीन भी की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। आरपीएफ ने बरामद की गई पूरी शराब को जब्त कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए उसे राज्य के आबकारी विभाग (Excise Department) को सौंप दिया है। आबकारी विभाग अब इस मामले में आगे की जांच करेगा और यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि शराब की यह खेप कहां से आई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।



