
Ganga Illegal Path: गंगा में बने एक अस्थायी रास्ते को हटाने पहुंची प्रशासन की टीम के खिलाफ भागलपुर में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। जिला प्रशासन इस रास्ते को अवैध बता रहा है, जबकि ग्रामीणों के लिए यह हजारों एकड़ की फसल की लाइफलाइन है। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भी मशक्कत करनी पड़ी।
भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित शंकरपुर दियारा में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिला प्रशासन की टीम दीपनगर गंगा घाट के पास गंगा में बने एक अस्थायी रास्ते को हटाने पहुंची। प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय ग्रामीण एकजुट हो गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का दावा: जीवनरेखा है यह रास्ता
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यह गंगा अवैध रास्ता उनके लिए शहर से संपर्क साधने का एकमात्र जरिया है। इस रास्ते के हट जाने से उनका शहर से संपर्क टूट जाएगा, जिससे हजारों एकड़ में लगी गेहूं और मक्के की फसलों की देखरेख और कटाई में भारी परेशानी होगी। उनके मुताबिक, यह रास्ता उनकी आर्थिक गतिविधियों और दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है।
प्रशासन का पक्ष: जलमार्ग में बाधा डाल रहा अवैध निर्माण
वहीं, जिला प्रशासन का तर्क है कि गंगा में बना यह अस्थायी रास्ता मालवाहक जहाजों के सुचारु आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। जलमार्ग को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए इस रास्ते को हटाना अनिवार्य है। प्रशासन ने बताया कि इसके बदले कोयला घाट के पास एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि ग्रामीणों को कम से कम परेशानी हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बिकाश कुमार मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचने पर लोगों का गुस्सा और भड़क उठा, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। भागलपुर में विरोध प्रदर्शन की यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है। फिलहाल, प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि विकास परियोजनाओं और स्थानीय लोगों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना कितना चुनौतीपूर्ण है। इस Ganga Illegal Path विवाद पर देशज टाइम्स की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







