

Bhagalpur News: विकास की गंगा में जब जमीन का रोड़ा आता है, तो परियोजनाएं अक्सर मझधार में अटक जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा आजकल बिहार के भागलपुर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां एक महत्वाकांक्षी योजना किसानों के विरोध के चलते ठप पड़ गई है। सुल्तानगंज में गंगाजल लिफ्ट परियोजना का काम किसानों ने रोक दिया है। इस मुद्दे पर किसानों और परियोजना से जुड़े कंपनी के कर्मियों के बीच तीखी बहस और तू-तू मैं-मैं भी हुई है।
Bhagalpur News: आखिर क्यों भड़के किसान?
यह पूरा विवाद दरअसल भूमि अधिग्रहण से जुड़ा हुआ है। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं दिया गया है, या फिर कुछ मामलों में बिना उनकी सहमति के ही काम शुरू कर दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा के पानी को लिफ्ट कर सूखे क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान हो सके।
किसानों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित कंपनी ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती है। उनका दावा है कि कई किसानों को अभी तक उनकी जमीन का उचित मूल्य नहीं मिला है, जबकि कुछ अन्य किसानों को यह बताया गया था कि उनकी जमीन का उपयोग केवल अस्थायी तौर पर किया जाएगा, लेकिन अब वहां स्थायी निर्माण हो रहा है।
यह गतिरोध पिछले कुछ दिनों से जारी है, जिसके कारण परियोजना का काम ठप पड़ गया है। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिलता, तब तक वे काम को आगे नहीं बढ़ने देंगे। प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारी अब किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
जानकारों का मानना है कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन का मुद्दा संवेदनशील होता है। सरकार और निजी कंपनियों को चाहिए कि वे किसानों के साथ विश्वास स्थापित करें और उन्हें उनकी जमीन का वाजिब हक दें। तभी विकास परियोजनाओं को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या है गंगाजल लिफ्ट परियोजना?
गंगाजल लिफ्ट परियोजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका लक्ष्य गंगा नदी के बाढ़ के पानी को लिफ्ट कर उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है जहां अक्सर सूखे की स्थिति बनी रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस परियोजना के माध्यम से कई जिलों में पेयजल की समस्या को दूर करने और कृषि भूमि की सिंचाई सुनिश्चित करने की योजना है। हालांकि, यह परियोजना शुरू से ही भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है।
सुल्तानगंज के स्थानीय निवासियों और किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें अपनी जमीन के बदले में उचित मुआवजा और सम्मान मिलना चाहिए। यह देखना होगा कि प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारी इस गतिरोध को कैसे सुलझाते हैं और गंगाजल लिफ्ट परियोजना का काम कब दोबारा शुरू हो पाता है।


