नवगछिया समाचार: ज्ञान, कर्तव्य और अनुशासन… जब ये तीनों एक साथ मिलते हैं, तो कैसा अद्भुत नजारा होता है? नवगछिया के बाल भारती विद्यालय में कुछ ऐसा ही हुआ, जहाँ गीता जयंती और एनसीसी स्थापना दिवस का पर्व एक साथ बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अनूठे आयोजन ने छात्रों को आध्यात्मिकता के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत कर दिया।
नवगछिया स्थित बाल भारती विद्यालय का प्रांगण बुधवार को गीता के उपदेशों और एनसीसी के शौर्य से गूंज उठा। विद्यालय में गीता जयंती और एनसीसी स्थापना दिवस को संयुक्त रूप से बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह, प्रशासक डी पी सिंह, एनसीसी अधिकारी विकास पांडेय और वरिष्ठ शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।दीप प्रज्वलन के उपरांत, सभी गणमान्य अतिथियों ने मिलकर केक काटकर एनसीसी के स्थापना दिवस का जश्न मनाया। इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में गीता के अमर उपदेशों को नृत्य, गीत और मनमोहक झांकियों के माध्यम से जीवंत किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत नृत्यों ने भी समारोह में जोश भर दिया।
छात्रों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम की ऊर्जा को विद्यालय की छात्राओं जहान्वी और नेहल ने अपने ओजस्वी भाषणों से और अधिक बढ़ाया। उनके प्रेरणादायक उद्बोधनों ने उपस्थित सभी लोगों में नया उत्साह भर दिया। वहीं, सातवीं कक्षा की छात्राओं वेदांशी और राजश्री ने अपनी कुशल मंच संचालन क्षमता से पूरे कार्यक्रम को सहज और आकर्षक बनाए रखा।
गीता और एनसीसी का समन्वय
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह ने अपने संबोधन में गीता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘श्रीमद्भगवद्गीता हमें जीवन की हर विषम परिस्थिति में कर्तव्यनिष्ठा और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देती है।’ प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अनुशासन और कर्मयोग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया, और विश्वास दिलाया कि ऐसा करने से सफलता स्वयं उनके कदम चूमेगी।विद्यालय के प्रशासक डी पी सिंह ने भी छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि ‘राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) विद्यार्थियों में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास करने का एक सर्वोत्तम मंच है।’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि आज के युवा गीता के गहन ज्ञान और एनसीसी के सुदृढ़ अनुशासन को अपने जीवन में आत्मसात कर लें, तो वे न केवल अपने लिए बल्कि समाज और पूरे राष्ट्र के लिए भी एक सच्ची प्रेरणा बन सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस गौरवपूर्ण आयोजन में एनसीसी एएनओ विकास पांडेय, नृत्य शिक्षक निभाष मोदी, शिक्षक निमाई कुमार, वागीश झा, ब्रजेश ठाकुर, दीपक गुप्ता, सुशांत चौधरी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस दोहरे उत्सव को यादगार बनाया।





