

रवि भूषण, कहलगांव। ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती जब राख के कणों से साकार हुईं, तो कहलगांव की धरती पर एक नई इबारत लिखी गई। यह सिर्फ एक पूजा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति एक गहरा संदेश था, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। Saraswati Puja: कहलगांव प्रखंड अंतर्गत एकचारी पंचायत के पश्चिम टोला भोलसर में इस वर्ष सरस्वती पूजा एक नए कीर्तिमान और अनोखे प्रयोग के साथ मनाई जा रही है।
Saraswati Puja की अनूठी पहल: छाई से निर्मित प्रतिमा
मां शारदे क्लब भोलसर द्वारा आयोजित चार दिवसीय सरस्वती पूजा महोत्सव के तहत, देश में पहली बार एनटीपीसी से निकलने वाली कोयले की छाई (राख) से मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। यह पहल न केवल कलात्मक रूप से सराहनीय है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अद्वितीय कलाकृति को आकार दे रहे हैं देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार। लगभग 20 टन (20 हजार किलोग्राम) एनटीपीसी की छाई से लगभग 15 फीट चौड़ी और 8 फीट ऊंची टीलेनुमा संरचना पर मां सरस्वती की दिव्य आकृति उकेरी गई है। प्रतिमा में मां शारदे को वीणा धारण कर हंस की सवारी करते हुए दर्शाया गया है, वहीं पास में मोर की आकर्षक आकृति भी बनाई गई है। कलाकृति के माध्यम से “हैप्पी सरस्वती पूजा” का संदेश भी दिया गया है।

मधुरेंद्र कुमार ने रेत, समुद्री बालू और पीपल के पत्तों पर अपनी विशिष्ट कलाकारी से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। उन्हें अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे ऐसे पहले भारतीय कलाकार हैं जिनका नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। हाल ही में राजगीर महोत्सव में उनकी बालू कला को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सराहा था, वहीं इससे पूर्व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भी उनकी कला की प्रशंसा कर चुके हैं।
मां शारदे क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ‘जीतू’ ने बताया कि क्लब इस वर्ष अपना 26वां स्थापना वर्ष मना रहा है। हर वर्ष किसी विशेष थीम पर प्रतिमा स्थापित की जाती रही है, लेकिन इस बार पर्यावरण संरक्षण और नवाचार को ध्यान में रखते हुए छाई से प्रतिमा निर्माण का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि अब तक लोग ऐसी कलाकृतियां केवल अखबार, टीवी या सोशल मीडिया पर देखते थे, लेकिन इस बार श्रद्धालु इसे अपनी आंखों के सामने साकार होते देख सकेंगे। पंडाल में विशेष सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन
कार्यक्रम के अनुसार 23 जनवरी (बसंत पंचमी) को मां सरस्वती की प्राण प्रतिष्ठा एवं पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद 24 और 25 जनवरी को दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण का आयोजन होगा, जबकि 26 जनवरी को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
इसके साथ ही, बच्चों की बौद्धिक क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “प्रतिभा खोज” परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सफल प्रतिभागियों को 24 जनवरी को कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता स्थानीय विधायक इंजीनियर शुभानंद मुकेश के हाथों शील्ड, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं बैग देकर सम्मानित किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक सराहनीय प्रयास है जो युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है।
पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मनोहर मंडल, लोजपा (रामविलास) जिला अध्यक्ष सुबोध पासवान, एकचारी पंचायत मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद मंडल, भोलसर पंचायत मुखिया प्रतिनिधि नीरज मंडल, पंचायत समिति सदस्य मनोज कुमार मंडल, प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह, उप मुखिया संजय शाह एवं पूर्व मुखिया अनुकांत सिंह उर्फ रोशन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन कहलगांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में एक नई चेतना का संचार कर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


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