
लापता किशोर: बिहार के अकबरनगर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ करीब दो महीने से गायब एक नाबालिग को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खोज निकाला है। पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और आधुनिक जांच तकनीकों का कमाल देखिए, एक परिवार की उम्मीदों को नया जीवन मिल गया।
अकबरनगर थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर निवासी डब्लू यादव के 14 वर्षीय बेटे दिवेश कुमार को आखिरकार पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। दिवेश लगभग दो महीने पहले अपने घर से लापता हो गया था, जिसके बाद परिजनों ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी।
लापता किशोर की तलाश में पुलिस की अथक मेहनत
परिजनों ने दिवेश के दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने अकबरनगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी को घर में डांट-फटकार के बाद दिवेश नाराज होकर स्टेशन पहुंचा और जमालपुर-हावड़ा ट्रेन पकड़कर कोलकाता चला गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, थाना प्रभारी राहुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की।
तकनीकी अनुसंधान से मिली बड़ी सफलता
पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। युवक के परिचितों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया, जिससे उसकी लोकेशन कोलकाता में ट्रैक की जा सकी। पुलिस की एक विशेष टीम, जिसमें जवान उदय कुमार और अंकुश कुमार शामिल थे, को तत्काल पश्चिम बंगाल भेजा गया। वहां, स्थानीय पुलिस के सहयोग से दिवेश को एक रेस्टोरेंट से ढूंढ निकाला गया, जहाँ वह पिछले दो महीनों से काम कर रहा था। उसके पास मोबाइल फोन न होने के कारण उसकी तलाश और भी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता के कारण यह असंभव सा लगने वाला काम भी संभव हो सका। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि अब लापता किशोर दिवेश का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस की इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।







