

Indian Army: सरहद पर जब तोप और गोलों की गूंज शांत होती है, तब एक फौजी के घर वापसी का असली जश्न शुरू होता है। कुछ ऐसा ही नजारा भागलपुर के सुल्तानगंज में दिखा, जहां एक महायोद्धा के सम्मान में पूरा शहर उमड़ पड़ा और स्टेशन परिसर देशभक्ति के नारों से सराबोर हो गया।
Indian Army में 30 साल की बेमिसाल सेवा
भारतीय सेना में 30 वर्षों की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए लेफ्टिनेंट अरुण कुमार जब अपने गृहनगर सुल्तानगंज पहुंचे, तो उनके स्वागत में मानो पूरा शहर ही रेलवे स्टेशन पर उमड़ आया। यह कोई मामूली स्वागत नहीं था, बल्कि एक नायक का शाही अभिनंदन था। स्टेशन परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों का जोश और उत्साह देखने लायक था, क्योंकि वे अपने वीर सपूत की एक झलक पाने के लिए बेताब थे।
लेफ्टिनेंट अरुण कुमार का सैन्य करियर बेहद गौरवशाली रहा है। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अनंतनाग में हुए ऑपरेशनों का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अहम सैन्य अभियानों में भी अपनी बहादुरी का परचम लहराया था। उनके स्वागत के लिए विभिन्न सैनिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय नागरिक फूल-मालाएं, ढोल-नगाड़े और यहां तक कि दर्जनों घोड़ों के साथ पहुंचे थे, जिससे यह दृश्य किसी ऐतिहासिक अवसर से कम नहीं लग रहा था।
समाज सेवा को बनाया अगला मिशन
इस भव्य स्वागत से अभिभूत लेफ्टिनेंट अरुण कुमार ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे 30 वर्षों तक भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने आगे कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति का अर्थ देश सेवा का अंत नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब वे अपना जीवन समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उन्होंने युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरित करने की बात कही। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सुल्तानगंज स्टेशन पर हुआ यह ऐतिहासिक स्वागत समारोह केवल एक सैनिक के प्रति सम्मान का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह उस गहरे सम्मान को भी दर्शाता है जो देश अपने जवानों के लिए रखता है। यह आयोजन इस बात का संदेश दे गया कि देश अपने नायकों के बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलता है। लेफ्टिनेंट अरुण कुमार की घर वापसी का यह जश्न लंबे समय तक लोगों के दिलों में प्रेरणा बनकर रहेगा।





