

Madhubani News: जब जनतंत्र में जनता की आवाज अनसुनी रह जाती है, तब सरकार का हर कदम व्यर्थ हो जाता है। इसी विचार को आत्मसात करते हुए, बिहार सरकार ने एक अभिनव पहल की है, जिससे अब जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। मधुबनी जिले में 19 जनवरी 2026 से बिहार सरकार की नई ‘सेवा-संवाद-समाधान’ अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘सात निश्चय-3’ का ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम प्रभावी हो गया है। इस पहल के अंतर्गत, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं समाहरणालय स्थित कक्ष में आमजनों से सम्मानपूर्वक संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य राज्य के आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित किसी भी कार्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। ‘सेवा-संवाद-समाधान’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of living) कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है जो लोगों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कार्यक्रम के अनुसार, सभी आमजन sss.bihar.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। सभी पदाधिकारियों के पास लॉगइन की सुविधा होगी, जिसके माध्यम से वे शिकायतों को देखकर उनका त्वरित समाधान करेंगे। जिला-स्तरीय, अनुमंडल-स्तरीय और प्रखंड-स्तरीय सभी पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी नगर निकायों, तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों के अभियंताओं तथा पदाधिकारियों को भी इस जनसुनवाई कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मधुबनी समाचार: जनता की शिकायतें अब बनेंगी समाधान का आधार
सोमवार, 19 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी के समाहरणालय स्थित कक्ष में विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जिले भर से दर्जनों लोग पहुंचे। उन्होंने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई। उदाहरण के तौर पर, पंडौल के धौस निवासी स्वर्गीय देवेंद्र मिश्र की पत्नी उषा देवी ने अपनी पैतृक जमीन पर दबंगों द्वारा ईंट गिराकर कब्जा करने की शिकायत की। बिस्फी के जफरा निवासी राजकुमार चौपाल ने 24000 रुपये के अत्यधिक विद्युत बिल की शिकायत करते हुए जांच और बिल माफ करने का अनुरोध किया।
इसी क्रम में, बिस्फी के सलेमपुर निवासी राजकुमार यादव ने आरोप लगाया कि उनकी आवासीय भूमि अधिग्रहण के बदले कृषि भूमि से भी कम मूल्य का भुगतान किया गया है, जिसके लिए उन्होंने शेष राशि के भुगतान हेतु जांच की मांग की। सुभाष चंद्र ने अपनी पत्नी द्वारा कथित शोषण से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई, जबकि दुखन राम ने अपने हिस्से की जमीन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने सभी आमलोगों की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुना और त्वरित समाधान के लिए आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकारी कार्यालयों में जन शिकायत निवारण के नए दिशा-निर्देश
सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम के तहत निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्य-स्थल/कार्यालय कक्ष में मिल सकेंगे।
- निर्धारित दोनों दिनों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका त्वरित निराकरण करेंगे।
- यदि संबंधित पदाधिकारी सोमवार एवं शुक्रवार को किसी अपरिहार्य कारणवश कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हैं, तो उनके स्थान पर उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी लोगों से मिलने के कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
- वैसे पदाधिकारी जो एक से अधिक विभाग/कार्यालय के प्रभार में हैं, वे सोमवार/शुक्रवार को सुविधानुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों से मिलेंगे।
- सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि सभी नियंत्री पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ पदाधिकारीगण उपर्युक्त निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं। साथ ही, सभी नियंत्री पदाधिकारी अधीनस्थ पदाधिकारी के कार्यालय में प्राप्त जनसुनवाई के अनुश्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अनुमंडलों एवं प्रखंडों/अंचलों के वरीय नोडल एवं नोडल पदाधिकारियों को उपर्युक्त बिंदुओं के अक्षरशः अनुपालन का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह पहल बिहार में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम जनता को सीधे अपनी समस्याओं को प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम प्रदान कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



