
Maghi Purnima: जैसे नदी की धारा सबकुछ समेटकर आगे बढ़ती है, वैसे ही आस्था का जनसैलाब भी तमाम बाधाओं को पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच ही जाता है। भागलपुर के बरारी गंगा घाटों पर आज कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जहां आस्था और भक्ति का महासंगम उमड़ पड़ा। सुबह की पहली किरण के साथ ही भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों, विशेषकर बरारी स्थित सीढ़ी घाट, पुल घाट, मुसहरी घाट और कालीघाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया।
माघी पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर गंगा स्नान करने के लिए न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से सिख समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। देखते ही देखते घाटों पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटने और बचाव कार्य को तत्काल अंजाम देने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है।
Maghi Purnima पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों के साथ-साथ आपदा मित्रों और प्रशिक्षित गोताखोरों को तैनात किया है। ये टीमें लगातार गंगा की लहरों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। नावों के जरिए भी लगातार गश्त की जा रही है।अधिकारियों ने बताया कि भीड़ अधिक होने से हादसे की आशंका बनी रहती है, जिसे ध्यान में रखकर यह विशेष सुरक्षा चक्र तैयार किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं से लगातार सावधानी बरतने और गहरे पानी में न जाने की अपील की जा रही है।
हर गतिविधि पर रखी जा रही पैनी नजर
घाटों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी मौजूद है, जो भीड़ प्रबंधन का कार्य देख रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पवित्र गंगा स्नान का यह पर्व शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। प्रशासन की मुस्तैदी के कारण श्रद्धालु भी安心 होकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।




