back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 3, 2026
spot_img

भागलपुर: एक ऑपरेटर की मनमानी ने पूरी ‘नल-जल योजना’ पर फेरा पानी, 6 महीने से बूंद-बूंद को तरस रहे लोग

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

भागलपुर न्यूज़: सरकार की हर घर नल का जल योजना ज़मीनी हकीकत में कैसे दम तोड़ रही है, इसकी बानगी देखनी हो तो बेलडीहा गांव आइए। यहां एक ऑपरेटर की ज़िद के आगे पूरी सरकारी मशीनरी बेबस नज़र आ रही है और गांव के लोग पिछले 6 महीनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।

- Advertisement -

क्या है पूरा मामला?

मामला भागलपुर के बेलडीहा गांव के वार्ड संख्या 11 का है। यहां बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत पानी की टंकी और पाइपलाइन का जाल बिछाया गया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, लेकिन पिछले छह महीनों से पूरी योजना ठप पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का संचालन करने वाले ऑपरेटर ने मनमाने ढंग से पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी है, जिससे लोगों के सामने गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी अब गांव में सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है।

- Advertisement -

ग्रामीणों ने सुनाई अपनी पीड़ा

लंबे समय से पानी की सप्लाई बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि इस भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। घर में नल लगे होने के बावजूद उन्हें या तो चापाकलों पर घंटों लाइन लगानी पड़ती है या फिर दूर-दराज के स्रोतों से पानी ढोकर लाना पड़ता है। इस समस्या ने ग्रामीणों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, खासकर महिलाओं को सबसे ज़्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: भागलपुर की Missing Girl... 'मम्मी, मैं कोचिंग जा रही हूं' कहकर घर से निकली सोनाक्षी लापता, 48 घंटे और पुलिस के हाथ खाली, परिवार... ऑपरेशन और अनहोनी का डर!

ग्रामीणों के सामने खड़ी मुख्य समस्याएं:

  • पेयजल के लिए मीलों दूर जाना पड़ रहा है।
  • महिलाओं और बच्चों का अधिकांश समय पानी ढोने में ही बर्बाद हो रहा है।
  • स्वच्छ पानी की कमी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
  • सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: भागलपुर में जन्मा अनोखा Goat kid, मालिक बोला- 'ये तो कयामत की निशानी है!', देखने वालों का लगा तांता

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि छह महीने का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है। ऑपरेटर की मनमानी के आगे पूरा सिस्टम लाचार दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर एक ऑपरेटर की मनमानी पर प्रशासन कब तक चुप रहेगा और बेलडीहा गांव के इन लोगों को पीने का साफ पानी कब नसीब होगा?

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

रश्मिका मंदाना की धाकड़ फिल्मों की लिस्ट: क्या बॉक्स ऑफिस पर होगा ‘नेशनल क्रश’ का राज?

Rashmika Mandanna News: इन दिनों बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक, एक नाम हर...

Stocks बाजार में FIIs का बढ़ता भरोसा: जानिए किन भारतीय कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी

Stocks: भारतीय शेयर बाजार में जारी उठापटक के बीच एक दिलचस्प ट्रेंड उभर रहा...

WhatsApp Premium: व्हाट्सएप पर अब मिलेगा खास अनुभव, क्या आप चुकाने को तैयार हैं कीमत?

WhatsApp Premium: मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने आखिरकार अपने यूज़र्स के...

Chandra Grahan 2026: होली से पहले खंडग्रास चंद्र ग्रहण, जानें सूतक और बदली होली की तिथि

Chandra Grahan 2026: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व होता है। यह...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें