क्या हो जब सड़क पर गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़े? राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) पर कुछ ऐसा ही नज़ारा है, जहां दो महीने से एक पाइप लाखों लीटर पानी बर्बाद कर चुकी है और प्रशासन की नींद है कि टूटने का नाम ही नहीं ले रही।
यह मामला भागलपुर से गुजरने वाले निर्माणाधीन एनएच-80 का है, जहां की बदहाली अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुकी है। सड़क की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है और इसका मुख्य कारण प्रशासनिक अनदेखी है। पिछले दो महीनों से जलापूर्ति योजना की एक पाइपलाइन लगातार लीक हो रही है, जिसका पानी सीधे सड़क पर बह रहा है।
दो महीने से बर्बादी, सड़क बनी तालाब
लगातार बहते पानी ने सड़क को कीचड़ और गड्ढों के एक खतरनाक जाल में बदल दिया है। जो सड़क कभी वाहनों की रफ़्तार का गवाह बनती थी, आज वहां पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पानी और कीचड़ के कारण सड़क पर बने गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जो हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले दो महीने से बनी हुई है, लेकिन कोई भी संबंधित विभाग सुध लेने को तैयार नहीं है।
कीचड़ और गड्ढों ने बढ़ाई मुसीबत
एनएच-80 की इस स्थिति ने हर किसी के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। पानी भरे गड्ढों की वजह से यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां समतल है और कहां गड्ढा। इस वजह से कई छोटे वाहन, खासकर दोपहिया चालक, दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- पूरी सड़क पर कीचड़ और जलजमाव की स्थिति।
- पानी में छिपे बड़े-बड़े गड्ढों से अनजान वाहन चालक।
- दोपहिया वाहनों के फिसलने और गिरने का बढ़ा खतरा।
- पैदल चलने वालों के लिए रास्ता लगभग बंद हो चुका है।
प्रशासन की अनदेखी, राहगीर परेशान
सबसे बड़ा सवाल यह है कि दो महीने से चल रही इस समस्या पर अब तक प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ी? हजारों लीटर पानी रोज बर्बाद हो रहा है और एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं। इस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा और सुविधा की चिंता किसी को नहीं है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब अपनी नींद से जागेगा और इस समस्या का समाधान करेगा।



