
सियासत की नदी में जब अपने ही नाविक बगावत पर उतर आएं, तो कश्ती का डूबना लगभग तय हो जाता है। कुछ ऐसा ही हाल भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड का है, जहां प्रमुख की कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। Bhagalpur News: जगदीशपुर पंचायत समिति में प्रमुख श्रीमती गुड़िया देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, क्योंकि कई सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
Bhagalpur News: क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव, सदस्यों ने गिनाए ये कारण
जगदीशपुर प्रखंड में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है। यहां पंचायत समिति के कई सदस्यों ने एकजुट होकर प्रमुख गुड़िया देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। इस संबंध में, सदस्यों ने प्रखंड प्रशासन को एक विधिवत आवेदन सौंपा है, जिसमें प्रमुख की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सदस्यों का मुख्य आरोप है कि प्रमुख गुड़िया देवी विकास योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता नहीं बरत रही हैं। उनका कहना है कि जब भी उनसे पंचायत समिति के तहत चल रही योजनाओं की जानकारी मांगी जाती है, तो उसे उपलब्ध नहीं कराया जाता।
सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि योजनाओं के आवंटन और उनके क्रियान्वयन में पूरी तरह से मनमानी की जा रही है। इसके अलावा, बैठकों के दौरान आय-व्यय का कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया जाता, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को बल मिल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सदस्यों का कहना है कि प्रमुख अक्सर कार्यालय से भी गायब रहती हैं, जिससे आम जनता के काम प्रभावित होते हैं और इसका सीधा असर जनप्रतिनिधियों की छवि पर पड़ता है।
योजनाओं में मनमानी और वित्तीय अनियमितता का आरोप
आवेदन में सदस्यों ने साफ तौर पर उल्लेख किया है कि प्रमुख द्वारा उनके अधिकारों में सीधे तौर पर हस्तक्षेप किया जाता है और उनके मान-सम्मान को भी ठेस पहुंचाई जाती है। सदस्यों के अनुसार, बैठकों का आयोजन तो होता है, लेकिन उनमें उनके क्षेत्र की समस्याओं पर कोई सार्थक चर्चा नहीं होती और न ही कोई अपेक्षित सहयोग मिलता है। स्थायी समिति के गठन को लेकर भी पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सदस्यों ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया है कि प्रमुख के पति कथित तौर पर योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड करके सीधे तौर पर लाभ उठा रहे हैं और इसके बदले में धनराशि भी वसूल रहे हैं।
इस कथित भ्रष्टाचार के कारण कई पंचायत क्षेत्र विकास योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि प्रमुख, प्रखंड के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर केवल अपने हितों को साधने में लगी हुई हैं और सदस्यों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ । उनका मानना है कि प्रमुख अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में पूरी तरह से विफल साबित हुई हैं।
अब प्रशासन के पाले में गेंद
इन तमाम गंभीर आरोपों के आधार पर, पंचायत समिति सदस्यों ने जगदीशपुर पंचायत समिति की एक विशेष बैठक तत्काल बुलाने की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी मांग है कि इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर खुली चर्चा हो और फिर मत विभाजन कराया जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। इस आवेदन की प्रतिलिपि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO, सदर) और जिला पंचायत राज पदाधिकारी को भी भेज दी गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करते हैं।




