
Pirpainti News: विकास के वादे जब सियासत की धूल फांकते हैं, तो तस्वीरें कुछ वैसी ही उभरती हैं जैसी भागलपुर के पीरपैंती नगर पंचायत से सामने आई हैं। यहां सड़कें नहीं, बल्कि गड्ढों का एक अंतहीन सिलसिला है, जो हर दिन हादसों को दावत दे रहा है। पीरपैंती नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या 7 और 8 में सड़क पूरी तरह से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।
सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह अब गड्ढों में तब्दील हो गई है। स्थिति को और भी गंभीर बनाता है बीच सड़क पर टूटे हुए नाले का ढक्कन, जो हादसों के लिए एक खुला निमंत्रण बन चुका है। इस वजह से स्थानीय निवासियों का जीवन हर दिन मुश्किलों से भरा होता है। लोगों के अनुसार, यह जर्जर सड़क और टूटा हुआ नाला आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। कई बार मोटरसाइकिल सवार अपना संतुलन खोकर गिर जाते हैं और गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, खेलते-कूदते या सड़क पार करते समय छोटे बच्चे भी इन गड्ढों का शिकार हो जाते हैं।
Pirpainti News: राहगीरों का चलना हुआ दूभर
स्थानीय निवासी आफताब आलम ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होंने कहा, “हर दिन कोई न कोई यहां हादसे का शिकार होता है। कई बार तो गाड़ियां भी इन बड़े गड्ढों में फंस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।” ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के बारे में कई बार नगर पंचायत को सूचित किया गया, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। लोगों में प्रशासन के इस रवैये को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारी ने बताई अपनी मजबूरी
जब इस गंभीर मामले पर नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी पूनम कुमारी से संपर्क साधा गया, तो उन्होंने अपनी असमर्थता जाहिर की। उन्होंने कहा, “तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करना संभव नहीं है। हमें वरीय अधिकारियों से निर्देश मिले हैं कि फिलहाल कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क और नाले की मरम्मत का काम 31 मार्च के बाद ही शुरू हो पाना संभव होगा। बहरहाल, स्थानीय निवासी अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने नगर प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी और अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी सुनेगा और उन्हें इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाएगा।




