
डिप्टी कमांडेंट की मौत का वो कौन सा रहस्य है जिसकी जांच की आंच पंजाब से चलकर बिहार के बांका तक पहुंच गई है? कहानी में ट्विस्ट तब आया जब जांच करने पहुंची पंजाब पुलिस ने स्थानीय बांका पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगा दिए. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब आगे क्या होगा?
डिप्टी कमांडेंट की खुदकुशी से जुड़े एक मामले ने अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है. मामले की जांच के सिलसिले में पंजाब पुलिस की एक टीम बिहार के बांका जिले स्थित पासीटोला पहुंची. यहां टीम का मुख्य उद्देश्य उन चश्मदीदों के बयान दर्ज करना था, जो इस केस की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हो सकते हैं.
आखिर क्यों बिहार पहुंची पंजाब पुलिस?
यह मामला अंतरराज्यीय जांच का एक बड़ा उदाहरण बन गया है. सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस इस खुदकुशी के मामले को सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं मान रही है. उन्हें शक है कि मौत के पीछे की वजहें काफी गहरी हो सकती हैं, जिनके तार बांका के पासीटोला से जुड़े हो सकते हैं. यही वजह है कि एक विशेष टीम को गवाहों से सीधे पूछताछ के लिए पंजाब से बिहार भेजा गया है.
चश्मदीदों के बयान से खुलेगा राज?
जांच टीम ने पासीटोला में कई घंटे बिताए और उन सभी लोगों से बातचीत की जो घटना के वक्त या उसके आसपास मौजूद थे. पुलिस को उम्मीद है कि इन बयानों के आधार पर घटना के दिन की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा सकेगी. चश्मदीदों से मिली जानकारी इस केस को एक नई दिशा दे सकती है और यह पता लगाने में मदद कर सकती है कि क्या यह सिर्फ खुदकुशी थी या इसके पीछे कोई और कहानी है.
दो राज्यों की पुलिस में टकराव?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात पंजाब पुलिस द्वारा बांका पुलिस पर लगाया गया असहयोग का आरोप है. पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर कहा है कि उन्हें स्थानीय पुलिस से उस तरह की मदद नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी. इस आरोप ने मामले को और भी उलझा दिया है. अगर दो राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय की कमी होती है, तो इसका सीधा असर जांच की प्रगति पर पड़ता है. फिलहाल, इस मामले पर बांका पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
अब देखना यह होगा कि चश्मदीदों के बयानों और पंजाब पुलिस की जांच के बाद इस हाई-प्रोफाइल खुदकुशी मामले में कौन से नए खुलासे होते हैं.




