
Ram Navami in Bhagalpur की धूम और महावीरी पताके की अनूठी परंपरा
रामनवमी के पावन अवसर पर भागलपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर के तमाम हनुमान मंदिर ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी, जहां उन्होंने अपने आराध्य बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल, पुष्प-माला और प्रसाद अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह सजाया गया था कि उनकी छटा देखते ही बन रही थी।
इस अवसर पर सबसे खास रही महावीरी पताका (हनुमान ध्वज) की पूजा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कच्चे बांस को पवित्र करने के बाद उस पर रोड़ी-चंदन और सिंदूर का लेप लगाया गया। इसके बाद उस पर हनुमान ध्वज बांधकर उसकी विशेष पूजा की गई। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार हनुमान ध्वज पूजन करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। पूजा संपन्न होने के बाद इन ध्वजों को मंदिरों, घरों की छतों और अन्य पवित्र स्थानों पर स्थापित किया गया।
भक्तिमय हुआ पूरा शहर, गूंजे हनुमान चालीसा के पाठ
भागलपुर के नाथनगर, सबौर, बरारी और तिलकामांझी समेत कई इलाकों में यह उत्सव पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। जगह-जगह पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति के रस में सराबोर हो गया। ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्तिमय गीतों के बीच ध्वज स्थापना का दृश्य अत्यंत मनमोहक और ऊर्जा से भरपूर था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नजारा देखकर हर कोई भक्ति-भाव से भर गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पूरे आयोजन ने शहर में एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया।






